झांसी। माताटीला पंपिंग स्टेशन और जल जीवन मिशन से जुड़े बिजली कनेक्शनों के लंबित बिल का भुगतान न होने से मामला फंस गया है। बिजली विभाग पर ही जल निगम का करीब 1.95 करोड़ रुपये बकाया है। यह राशि अभी तक समायोजित नहीं हुई जबकि बिजली विभाग की ओर से नए बिल भेज दिए गए। ऐसे में पंपिंग स्टेशन की बिजली कटने का खतरा पैदा हो गया। अधिशासी अभियंता यांत्रिक ने प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर जल निगम की राशि से समायोजित कराने की मांग की है।
झांसी पेयजल पुनर्गठन योजना फेज-2 के तहत माताटीला स्थित विद्युत संयोजन के लिए वर्ष 2022 में 3.94 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। तकनीकी व्यवस्था बदलने से लाइन निर्माण लागत में करीब 1.95 करोड़ की बचत हुई। यह रकम बिजली विभाग के पास जमा है। चार साल से यह पैसा न वापस हुआ, न बिजली बिल में समायोजित हुआ। अब जल निगम पर योजना से जुड़े दो विद्युत कनेक्शनों का कुल 2.28 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया हो गया। इनमें बुढ़पुरा, बबीना स्थित जल निगम साइट पर 1.12 करोड़ रुपये तथा माताटीला सब स्टेशन (जल जीवन मिशन) पर 1.16 करोड़ रुपये का भुगतान है। बिजली बिल का भुगतान न होने पर माताटीला पंपिंग स्टेशन का बिजली कनेक्शन कटने का खतरा है। इससे महानगर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी। अधिशासी अभियंता अमित सहरावत का कहना है कि पिछले चार साल से यह राशि बिजली विभाग के पास है। इसे समायोजित करने के लिए पत्र भेजा गया है।
