प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के तबादले के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए गए। इसके लिए आवेदन बीएसए कार्यालय में होंगे। बीएसए इसे बेसिक शिक्षा परिषद को 20 जून तक ऑनलाइन भेजेंगे।
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र तिवारी की ओर से एक से दूसरे जिले में तबादले के लिए जारी निर्देश में कहा गया है कि शिक्षक के स्वयं व उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने की दशा में तबादला किया जा सकेगा।
सक्षम स्तर मुख्य चिकित्साधिकारी से जारी न्यूनतम 40 प्रतिशत की दिव्यांगता का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। इसी तरह शिक्षक व उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के कैंसर से पीड़ित होने की दशा में तबादला किया जा सकेगा। इसके लिए सरकारी अस्पताल का प्रमाण पत्र तथा यदि निजी अस्पताल से इलाज कराया जा रहा है, तो सक्षम शासकीय अधिकारी का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
सक्षम शासकीय अधिकारी का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा
उन्होंने कहा है कि शिक्षक व उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के डायलिसिस पर होने पर स्थानान्तरण किया जा सकेगा। सरकारी अस्पताल का प्रमाण पत्र तथा यदि निजी अस्पताल से इलाज कराया जा रहा है, तो सक्षम शासकीय अधिकारी का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
इसी तरह यदि पति/पत्नी दोनो बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक हैं तो तबादले की लिए सक्षम स्तर से जारी विवाह प्रमाण पत्र, सेवापुस्तिका की छायाप्रति तथा नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा सेवा के सम्बन्ध में जारी प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
अविवाहित पुत्र-पुत्री के सम्बन्ध में 100 रुपये के स्टैम्प पर साक्ष्य सहित शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा। उन्होंने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि निर्धारित प्रारुप पर इच्छुक शिक्षक-शिक्षिकाओं के आवेदन पूरा कराकर जिले के सारे आवेदन पत्र परिषद की ईमेल आईडी- interdistricttransfer2627@gmail.com पर 20 जून तक भेजेंगे। किसी भी अन्य माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों पर किसी भी दशा में विचार किया जाना सम्भव नही होगा।
सचिव परिषद ने स्पष्ट किया है कि अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के लिए सेवावधि की बाध्यता नही होगी। शिक्षकों के दस्तावेज गलत मिलने पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही तबादले के इच्छुक शिक्षक-शिक्षिकाओं को इस आशय का शपथपत्र देना अनिवार्य होगा कि वे स्वेच्छा से तबादला ले रहे हैं। संबंधित जिले में वे वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे होंगे।
