उत्तर प्रदेश में पुष्टाहार की आपूर्ति करने वाली जेवीएस फूड्स को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के मामले में एक और खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में फाइनल रिपोर्ट लगने की ईओडब्ल्यू की संस्तुति पर न्यायालय द्वारा अंतिम निर्णय लेने से पहले उसे दोबारा पुष्टाहार आपूर्ति का काम मिल गया। इतना ही नहीं, कंपनी ने राजधानी में अपनी उत्पादन इकाई भी स्थापित कर दी। इसकी वजह से इस मामले में कंपनी और विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
बता दें कि जयपुर की जेवीएस फूड्स और बरेली की खंडेलवाल सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खिलाफ वर्ष 2018 में बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अपर निदेशक शत्रुघन सिंह ने अनुबंध की शर्तों के मुताबिक कार्य न करने, राज्य, केंद्र सहायतित एवं विश्व खाद्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं में पोषाहार की आपूर्ति के क्रय में अनियमितताओं, गुणवत्ता में अनियमितताओं तथा व्यापार कर की धनराशि के गबन के आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराई थी।
