पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े आतंकी मोहम्मद शेख को आजमगढ़ ले जाकर वापस लाया गया है। पूछताछ में एटीएस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सबसे अहम जानकारी उसे हथियार उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क को लेकर सामने आई है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस कड़ी के सहारे आतंकी मॉड्यूल के स्थानीय सहयोगियों तक पहुंचा जा सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक, मोहम्मद शेख से लगातार हो रही पूछताछ में उन लोगों के बारे में जानकारी मिली है, जिनके जरिये उसके पास पिस्टल और कारतूस पहुंचे थे। इसके बाद एटीएस ने असलहा सप्लाई चेन की पड़ताल तेज कर दी है। संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सोशल मीडिया संपर्क और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि आतंकी गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर एक ऐसा नेटवर्क सक्रिय था, जो हथियार, ठिकाना और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने में मदद कर रहा था। इसी कारण एटीएस अब हर उस व्यक्ति की भूमिका खंगाल रही है जो किसी भी रूप में मोहम्मद शेख के संपर्क में रहा। आजमगढ़ और आसपास के जिलों में भी गोपनीय स्तर पर पड़ताल चल रही है। जांच के दायरे में कुछ ऐसे लोग भी आए हैं, जिनके संबंध पहले आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
ये है मामला
एटीएस ने मोहम्मद शेख को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया था। जांच में उसके तार पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहजाद भट्टी और आईएसआई समर्थित नेटवर्क से जुड़े पाए गए थे। एजेंसियों का दावा है कि वह सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को प्रभावित कर अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।
