चलती ट्रेन में यात्रियों को चोरी जैसी वारदात करने में माहिर गिरोह का शुक्रवार को भंडाफोड़ करते हुए जीआरपी ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक बदमाश मथुरा का जबकि तीन दिल्ली के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने सात वारदात में शामिल होने की बात कुबूल की। उनकी निशानदेही पर जीआरपी ने मोबाइल फोन, नकदी समेत करीब 83 हजार रुपये कीमत की वस्तुएं बरामद की हैं। जीआरपी ने खिलापढ़ी के बाद उनको कोर्ट के सामने पेश किया, यहां से चारों जेल भेज दिए गए।
एसपी (रेलवे) विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि चोरों के गिरोह का सुराग लगने पर जीआरपी प्रभारी रावेंद्र मिश्रा की अगुवाई में जीआरपी टीम शुक्रवार तड़के प्लेटफार्म नंबर सात पर चेकिंग कर रही थी। दिल्ली एंड पर ई केबिन के पास चार युवकों ने पुलिस को देख भागने की कोशिश की। पुलिस ने पीछा करके उनको पकड़ लिया। पूछताछ में उन लोगों ने बताया कि वह लोग चोरी के इरादे से यहां आए हैं। पकड़े गए युवकों ने अपना नाम मथुरा के मोहल्ला चतुभुर्ज थाना छाता निवासी प्रेमचंद्र, दिल्ली के कल्याणपुरी निवासी अरुण जाटव, प्रवीन कुमार जाटव व अर्जुन जाटव बताया। उनकी निशानदेही पर जीआरपी ने उनके पास से तीन मोबाइल फोन, एक जोड़ी चांदी की बिछिया समेत साढ़े पांच हजार रुपये नकद बरामद किए। पूछताछ में मालूम चला कि प्रेमचंद गिरोह का मास्टर माइंड है। प्रेमचंद बेहद शातिर है। चोरी करने के बाद वह चलती ट्रेन से भी कूद जाता है। इस वजह से काफी समय से वह जीआरपी के हत्थे नहीं चढ़ सका था। इन लोगों ने चार चोरियों में शामिल होने की बात मानी है।
नशे का शौक पूरा करने के लिए करते थे चोरी
जीआरपी प्रभारी रावेंद्र मिश्रा ने मुताबिक झांसी में हुई चार चोरियों में यह सभी शामिल थे। उनके पास से तीन मोबाइल बरामद हुआ। महिला यात्रियों के पास से मिलने वाली ज्वैलरी औने-पौने दाम में बेच देते थे। 24 अप्रैल को महिला यात्री का पर्स चोरी, 1 मई को समता एक्सप्रेस से यात्री का पर्स चोरी, 3 मई को महाकौशल एक्सप्रेस में चढ़ रहे यात्री का पर्स चोरी और नौ मई को मंगला एक्सप्रेस के एसी कोच से ट्रॉली बैग चोरी की घटना में शामिल रहे। आरोपियों ने बताया कि नशे का शौक पूरा करने के लिए वह लोग चोरियां करते थे।
