थाना मऊरानीपुर इलाके में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बृहस्पतिवार की सुबह सुखनई नदी किनारे स्थित गायत्री मंदिर के पास एक नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
कलयुगी परिजनों द्वारा फेंके गए इस बेजुबान नवजात के शव के एक हाथ को जानवरों ने नोच-नोच कर खा लिया था। घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका के सफाई प्रभारी राजेंद्र रावत अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय पुलिस का एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनहीन चेहरा सामने आया। नगर पालिका टीम द्वारा घटना की सूचना तुरंत कोतवाली पुलिस को दी गई। कोतवाल मुकेश कुमार सोलंकी ने संबंधित चौकी के उप-निरीक्षक को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। लेकिन मौके पर कोई भी पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा। काफी समय तक पुलिस का इंतजार करने के बाद मौके पर ही नगर पालिका टीम ने गड्ढा खोदकर नवजात को दफना दिया।
