इबोला संक्रमण से प्रभावित देश कांगो से शहर लौटे दो लोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। दोनों को एहतियात के तौर पर 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया गया है। वहीं, इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) यूनिट लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि इबोला प्रभावित कांगो, युगांडा और दक्षिणी सूडान से आने वाले यात्रियों के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है। सूत्रों के अनुसार, कांगो से लौटे एक व्यक्ति नकटा चौपड़ा और दूसरा शहर का रहने वाला है। दोनों की निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इबोला संक्रमण के लक्षण दो से 21 दिन के भीतर सामने आ सकते हैं। इनमें तेज बुखार, अत्यधिक थकान, गले में खराश, सिर दर्द, उल्टी, दस्त, त्वचा पर चकत्ते, पेट दर्द और नाक, मुंह व मसूड़ों से खून आना शामिल हैं। संक्रमित व्यक्ति के खून, लार, पसीने, उल्टी आदि के संपर्क में आने या संक्रमित कपड़े और बिस्तर इस्तेमाल करने से संक्रमण फैल सकता है।

लक्षण मिलने पर भेजा जाएगा सैंपल

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमाकांत स्वर्णकार ने बताया कि कांगो से आने वाले लोगों की एयरपोर्ट पर जांच की जा रही है। जिनमें कोई लक्षण नहीं मिल रहे हैं, उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से क्वारंटीन किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति में लक्षण दिखाई देते हैं तो उसका सैंपल जांच के लिए एनआईवी पुणे भेजा जाएगा।

ऐसे फैलता है इबोला

इबोला संक्रमित या मृत व्यक्ति के खून, लार, पसीने, उल्टी, मल, मूत्र और स्तन के दूध के संपर्क में आने से फैल सकता है। कटे-फटे अंगों या आंख, नाक और मुंह के जरिये वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।



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