प्रदेश में बीते डेढ़ वर्ष के दौरान रेलवे ट्रैक और ट्रेनों को करीब 550 बार निशाना बनाया गया है। अराजक तत्वों ने वंदे भारत जैसी ट्रेनों पर पत्थरबाजी की और ट्रैक पर खतरनाक वस्तुएं रखीं। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ऐसी घटनाओं वाले 250 हॉट स्पॉट चिह्नित किए हैं।

इन हॉट स्पॉट पर जमीन से लेकर आसमान तक ड्रोन व सोलर कैमरों से निगरानी की जा रही है। आधे से अधिक हॉट स्पॉट पश्चिमी उप्र के मुरादाबाद और आगरा अनुभाग के जिलों में हैं। जीआरपी की मैपिंग से पता चला है कि ऐसी घटनाएं पूरे प्रदेश में फैली हैं, जिनमें बिहार के सीमावर्ती जिले भी शामिल हैं। दिल्ली से बिहार जाने वाला रेलवे का मुख्य मार्ग अराजक तत्वों के निशाने पर है। 

वीवीआईपी के सफर के दौरान भी ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं। इसकी रोकथाम के लिए जीआरपी ने 3000 से अधिक रेल मित्र बनाए हैं, जो व्हाट्सग्रुप से सूचनाएं जुटाते हैं। जांच में सामने आया है कि अधिकतर मामले रेलवे ट्रैक के पास बसी अवैध बस्तियों के आसपास होते हैं। जीआरपी और आरपीएफ मिलकर ऐसी जगहों पर रहने वालों को चिह्नित कर रहे हैं। कबाड़ बेचने वालों पर भी नजर रखी जा रही है, जो ट्रैक को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुएं बेचते हैं।

 



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