आर्थिक तंगी के चलते सजा पूरी होने के बावजूद जिला कारागार में बंद तीन गरीब बंदियों को आखिरकार राहत मिल गई। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम की लखनऊ इकाई ने बृहस्पतिवार को तीनों बंदियों का कुल 12 हजार रुपये का जुर्माना जमा कराकर उनकी रिहाई कराई। इस पहल में दारुल उलूम नदवतुल उलेमा (नदवा) के छात्रों ने भी अहम भूमिका निभाई।
जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल ने बताया रिहा हुए बंदियों में संतोष कुमार का दो हजार रुपये, मोहम्मद फैसल का पांच हजार रुपये और मोफिजउद्दीन का पांच हजार रुपये जुर्माना संस्था की ओर से जमा कराया गया। दरअसल, तीनों बंदी कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा पूरी कर चुके थे।
लेकिन जुर्माने की राशि जमा न कर पाने के चलते वे जेल से रिहा नहीं हो सके थे। जेलर ऋतिक प्रियदर्शी और डिप्टी जेलर वीरेंद्र सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक प्रयास जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं।
फोरम के जिला समन्वयक शफीक चौधरी ने बताया कि संस्था का उद्देश्य इंसानियत, आपसी भाईचारे और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना ही फोरम की प्राथमिकता है। रिहाई के बाद तीनों बंदियों ने फोरम, नदवा के छात्रों और जेल प्रशासन का आभार जताया।
