ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी किशन पांचाल से 24.90 लाख रुपये की डकैती के मामले में फरार चल रहे आरोपी अंकित यादव को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद अंकित ने ही मुंशी की स्कूटी से रुपयों से भरा बैग निकालकर मुख्य आरोपी सूर्यांश यादव को सौंपा था। उसकी निशानदेही पर 23,450 रुपये बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही इस डकैती कांड के सभी आठ नामजद आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस अब तक 24.85 लाख रुपये बरामद कर चुकी है।
पकड़े जा चुके सभी आठ आरोपी
सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया कि वारदात में खुशीपुरा निवासी सूर्यांश यादव के अलावा जालाैन पुलिस लाइन में तैनात रहे तीन आरक्षी राघवेंद्र राजपूत, मनोज कुमार और नीरज राजपूत तथा गौरव यादव, सुखबीर सिंह, सूरज और अंकित यादव के भी नाम सामने आए थे। अंकित की गिरफ्तारी के साथ सभी आठ आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
पूछताछ में अंकित ने यह कहा
पूछताछ में अंकित ने बताया कि चार वर्ष पहले पीएसी ग्राउंड में क्रिकेट खेलने के दौरान उसकी पहचान आरक्षी राघवेंद्र राजपूत से हुई थी। बाद में राघवेंद्र के माध्यम से उसकी मुलाकात सूर्यांश यादव से हुई। पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान मुंशी किशन के अगवा होने के बाद अंकित उनकी स्कूटी लेकर झांसी-कानपुर हाईवे पहुंचा, जहां उसने स्कूटी से रुपयों का बैग निकाल लिया। बैग से 40 हजार रुपये अपने पास रखने के बाद शेष रकम सूर्यांश को सौंप दी और स्कूटी मेडिकल कॉलेज के पास छोड़ दी।
तेजवानी बंधुओं की तलाश में पुलिस, सट्टा नेटवर्क की जांच तेज
सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब सतना (मध्य प्रदेश) निवासी संस्कार तेजवानी और नितिन तेजवानी की तलाश में जुटी है। जांच में सामने आया है कि दोनों बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़े हो सकते हैं और लेनदेन हवाला के माध्यम से किया जाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि झांसी के कई कारोबारी उनके संपर्क में थे और वसूली के लिए स्थानीय एजेंट भी नियुक्त किए गए थे। पुलिस के अनुसार, मुंशी किशन पांचाल भी तेजवानी बंधुओं के लिए काम करता था। हवाला और सट्टा नेटवर्क के संभावित कनेक्शन सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस टीम सतना जाकर भी पड़ताल कर चुकी है और मोबाइल फोन के जरिये वित्तीय एवं सट्टा नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।
