हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में सी बी आई के जवाब पर असंतुष्टि व्यक्त की है। कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो ( सीबीआई ) को पूर्व आदेश के अनुसार बेहतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है ताकि न्यायालय कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति मामले के संबंध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की प्रगति के बारे में जान सके।अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) को भी कानून के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया कि यदि ईडी कोई अवैध कृत्य पाती है, तो ऐसे में वह असहाय नहीं हो सकती।

न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद 20 जुलाई को यह आदेश पारित किया। जो, हाईकोर्ट की वेबसाइट पर

मंगलवार को उपलब्ध हुआ।

इससे पहले न्यायालय ने 12 मई, 2026 के आदेश में कहा था कि, यह उम्मीद की जाती है कि यदि याचिकाकर्ता की शिकायत ईडी और सीबीआई द्वारा प्राप्त हो गई है , तो शिकायत में लगाए गए आरोपों का कानून के अनुसार सत्यापन किया जाएगा । कहा था कि सीबीआई या ईडी कानून के तहत अनुमत उचित कदम उठा सकते हैं। 20 जुलाई के, अदालत के आदेशानुसार, सीबीआई के वकील ने जवाबी हलफनामा दाखिल किया । प्रवर्तन निदेशालय के वकील ने भी जवाबी हलफनामा दाखिल किया है।

कोर्ट ने कहा कि सीबीआई का जवाबी हलफनामा, जवाबी हलफनामा प्रतीत नहीं होता है। पूर्व आदेश के क्रम के संदर्भ में हम इसके बारे में समझने में असमर्थ हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि सीबीआई द्वारा की गई जांच की प्रगति को देखते हुए, अगली तिथि पर सीबीआई का प्रति-शपथपत्र पूर्ववर्ती आदेश के अनुसार दाखिल किया जाएगा और उस प्रति-शपथपत्र के शपथकर्ता संयुक्त निदेशक/जोन प्रमुख, एसीएचक्यू जोन, सीबीआई, नई दिल्ली होंगे। 

अदालत ने कहा, ईडी के जवाबी हलफनामे के अवलोकन से पता चलता है कि ईडी द्वारा आवश्यक कदम उठाए गए हैं और यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि यदि विचाराधीन मामले की जांच के दौरान कोई प्रासंगिक जानकारी मिलती है तो प्राप्त सामग्री और दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें