अयोध्या में हैदरगंज थाना क्षेत्र के कुंआडाड़ गांव में बुधवार रात जमीन विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दबंगों ने 63 वर्षीय बुजुर्ग चैतू राम निषाद को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। इस घटना में कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने डायल 112 पुलिस पर मौके से हट जाने का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार, यह विवाद राम अनुज और राजकुमार निषाद नामक दो भाइयों के बीच वर्षों से चला आ रहा था। सोमवार को राजकुमार ने राम अनुज की पत्नी को गालियां दीं और पीटा। पत्नी ने इसकी जानकारी लुधियाना में रह रहे राम अनुज को दी। राम अनुज तत्काल लुधियाना से गांव पहुंचा।
आरोप है कि बुधवार शाम उसने दोस्तों को शराब और मछली की दावत दी। रात करीब 9:30 बजे राम अनुज ने घटना की साजिश रचते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। राजकुमार ने हालात भांपकर 112 डायल पुलिस को बुलाया। पुलिस की मौजूदगी में ही राम अनुज और उसके साथियों ने राजकुमार व परिजनों पर हमला कर दिया।
चचेरे भाई के पास गए थे मदद के लिए
जान बचाने के लिए राजकुमार अपने चचेरे बड़े भाई चैतू राम निषाद के पास पहुंचा। चैतू राम ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों ने उन्हें पीटकर मार डाला। बालगोविंद उर्फ बालक राम, खुशीराम, राजकुमार और अन्य दो लोग इस हमले में चोटिल हो गए। घायलों को पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। बुजुर्ग की हत्या के बाद परिवार में मातम छा गया।
घायलों और मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान 112 डायल पुलिस मौके से भाग गई थी। घटना की सूचना पर हैदरगंज प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों का चिकित्सीय परीक्षण और शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। इस पर सैकड़ों ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने करीब साढ़े चार घंटे तक शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोके रखा।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
हालात की सूचना पर बीकापुर के कोतवाल देवेंद्र पांडेय और तारुन कोतवाल लालचंद्र सरोज भी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। क्षेत्राधिकारी बीकापुर सुनील कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को तत्काल इलाज और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देश पर हैदरगंज पुलिस ने मृतक के पुत्र बालगोविंद की तहरीर पर आठ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इनमें राम अनुज, मानिकराम, बाबूराम, हरेंद्र, श्यामलाल, रामू, रामकेश और जगन्नाथ शामिल हैं। कार्रवाई पर शांत हुए ग्रामीणों के बाद पुलिस ने देर रात करीब ढाई बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
