अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत शुक्रवार को एल्पाइन स्कूल में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। मार्शल आर्ट ट्रेनर मेवालाल राजपूत ने छात्राओं से कहा कि विपरीत हालात में डरें नहीं, बल्कि समझदारी से काम करें। हाथ को ही हथियार बनाएं। उन्होंने बताया कि कैसे छोटी-छोटी चीजों से आत्मरक्षा की जा सकती है।
मार्शल आर्ट ट्रेनर ने छात्राओं को मोबाइल फोन, पेन, कॉपी-किताब, पर्स, दुपट्टे से लेकर चाबी तक से आत्मरक्षा करने के तरीके बताए। कहा कि मदद मांगने की बजाए सहायता करने योग्य बनें। स्वस्थ शरीर से बड़ी पूंजी कुछ नहीं हो सकती। इसलिए रोजाना व्यायाम और योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। प्रशिक्षिका पिंकी रायकवार और शाहीन परवीन ने भी मार्शल आर्ट के जरिये आत्मरक्षा की विधि बताई। छात्राओं ने भी सवाल-जवाब किए।
स्कूल की निदेशक डॉ. रश्मि राय ने कहा कि कार्यशाला में दी गईं जानकारियों का बालिकाएं निरंतर अभ्यास करें और दूसरों को भी इसकी जानकारी दें। इस दौरान समन्वयक राहुल खरे, वरिष्ठ शिक्षिका रंजना अग्रवाल, काशिफा खान आदि मौजूद रहे।
