जनपद में धारा-24, धारा-67, धारा-34 के अंतर्गत दायर वादों का अभियान चलाकर निस्तारण करने के निर्देश एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल ने दिए। कलक्ट्रेट सभागार में वसूली की मासिक समीक्षा करते हुए प्रवर्तन कार्यों में सुधार लाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने की नसीहत दी। ताकि शासन द्वारा निर्धारित विभागीय लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
एडीएम प्रशासन ने सभी एसडीएम, तहसीलदार को निर्देश दिए कि ‘न्याय पहुंचे गरीब के द्वार’ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय दिलाने के मद्देनजर अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाते हुए कार्य करें। ऐसे वाद अथवा शिकायत को सूचीबद्ध करते हुए टीम गठित करें, जो मौके पर अवैध रूप से किसी गरीब या सरकारी जमीनों पर कब्जा कर किए हैं। कर-करेत्तर और प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा ने कहा कि जनपद में कई विभागों को शासन की ओर से प्रदत्त वसूली लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति संतोषजनक नहीं है। वाणिज्य कर विभाग ने निर्धारित मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 58 फीसदी वसूली करने पर नाराजगी जताते हुए कार्ययोजना बनाकर वसूली बढ़ाने और वसूली के स्त्रोतों की भी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि जनपद के 10 बकायेदारों पर फोकस करते हुए ऐसी कार्रवाई करें कि नजीर बन जाए।
उन्होंने एसडीएम सदर, मोंठ और टहरौली को संबंधित बकायेदारों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करते हुए शत-प्रतिशत वसूली करने के निर्देश दिए। वाणिज्य कर विभाग की कम वसूली पर नाराजगी जताई। विभाग माह में 153.54 करोड़ के सापेक्ष 88.33 करोड़ वसूली कर पाया। मासिक लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए दुकानों की गंभीरता से जांच की जाए। इस दौरान एडीएम न्याय अरुण कुमार गौड़, एडीएम नमामि गंगे योगेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
