मऊरानीपुर तहसील के पलरा और सेकरा गांव की पहाड़ियों में सोने, टाइटेनियम समेत अन्य बहुमूल्य खनिजों की संभावनाओं का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार की मिनी रत्न कंपनी मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर रही है। हाईटेक ड्रिलिंग मशीनों से चट्टानों के कोर नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्षेत्र में किस खनिज का कितना भंडार मौजूद है।

एमईसीएल से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सर्वेक्षण के तहत पांच स्थानों से नमूने एकत्र किए जाने हैं। इनमें से तीन स्थानों पर ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है, जबकि दो स्थानों पर कार्य जारी है। सभी नमूनों को जांच के लिए नई दिल्ली स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। भू-वैज्ञानिकों ने पलरा और सेकरा की पहाड़ियों की चट्टानों के प्रारंभिक अध्ययन में सोने, टाइटेनियम तथा अन्य बहुमूल्य खनिजों की संभावनाएं चिन्हित की थीं। इसके आधार पर केंद्र सरकार ने विस्तृत भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण की स्वीकृति दी। वन क्षेत्र में स्थित पहाड़ियों तक विशेष ड्रिलिंग मशीनें पहुंचाई गई हैं और भू-गर्भ विशेषज्ञों की टीम लगातार नमूने एकत्र कर रही है। सर्वेक्षण का कार्य अभी लगभग दो माह और चलने की संभावना है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के डीजीएम, यूपी आशीष चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशन में वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जा रहा है। अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्षेत्र में किस खनिज का कितना भंडार है।

50 फीट तक ड्रिलिंग कर निकाले जा रहे कोर सैंपल

सर्वेक्षण के दौरान करीब 50 फीट तक ड्रिलिंग कर चट्टानों के कोर सैंपल निकाले जा रहे हैं। इन्हें सुरक्षित पैक कर प्रयोगशाला भेजा जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार दो स्थानों से अभी नमूने लिए जाने बाकी हैं। सभी नमूने एकत्र होने के बाद उनकी एक साथ वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। अमित पांचाल, गणेश समेत अन्य स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले कई महीनों से पहाड़ियों पर मशीनों से ड्रिलिंग का कार्य चल रहा है और बड़े आकार की चट्टानों के नमूने बाहर निकाले जा रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी कृष्णपाल द्विवेदी ने बताया कि पलरा और सेकरा की पहाड़ियों में कई माह से भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के तहत ड्रिलिंग कराई जा रही है। चट्टानों के नमूनों के आधार पर सोने और अन्य खनिजों की संभावनाओं का परीक्षण किया जा रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है टाइटेनियम?

टाइटेनियम हल्की, मजबूत और जंगरोधी धातु है। इसका उपयोग विमान, अंतरिक्ष, रक्षा उपकरण, चिकित्सा इम्प्लांट, रासायनिक उद्योग और समुद्री उपकरणों के निर्माण में व्यापक रूप से किया जाता है। आर्थिक मूल्य की दृष्टि से यह सोने जितना महंगा नहीं होता, लेकिन औद्योगिक उपयोगिता के कारण इसकी मांग काफी अधिक रहती है।

एनएमईटी फंड से हो रहा सर्वे

पलरा और सेकरा की पहाड़ियों में खनिजों की खोज का कार्य राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी) के वित्तीय सहयोग से किया जा रहा है। इस फंड का उपयोग संभावित खनिज क्षेत्रों में प्रारंभिक सर्वेक्षण, ड्रिलिंग और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य खनन शुरू करना नहीं, बल्कि खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक आकलन करना है।

पहाड़ी पर होता मशीनों से ड्रिलिंग का कार्य…



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