इस बार सावन सिर्फ भगवान शिव की भक्ति का महीना नहीं, बल्कि दुर्लभ धार्मिक संयोगों का भी साक्षी बनने जा रहा है। पूरे श्रावण मास में कई शुभ योग बन रहे हैं, लेकिन सबसे विशेष संयोग 17 अगस्त को बनेगा, जब 23 वर्ष बाद सावन सोमवार और नागपंचमी एक ही दिन पड़ेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह महासंयोग शिव आराधना, नाग पूजन और कष्ट निवारण के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इसके साथ ही सावन में सोम प्रदोष, भौम प्रदोष, शिवरात्रि और हरियाली तीज जैसे प्रमुख पर्व भी श्रद्धालुओं की आस्था को और विशेष बनाएंगे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के आचार्य डॉ. अश्विनी पांडेय और मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्यागिरि बताती हैं कि सावन के दूसरे सोमवार, 10 अगस्त को सोम प्रदोष व्रत का भी दुर्लभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव का व्रत, पूजन और अभिषेक करने से संतान सुख की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। वहीं पूरे सावन में एक समय भोजन कर भगवान शिव और श्रीहरि विष्णु का जल अथवा अन्य द्रव्यों से अभिषेक करने का विशेष महत्व बताया गया है।
25 अगस्त को शिव और हनुमान आराधना का विशेष संयोग
25 अगस्त, मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत रहेगा। शास्त्रों के अनुसार कर्ज या आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों के लिए यह व्रत विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से आर्थिक बाधाएं दूर होने और धन संबंधी समस्याओं से राहत मिलने की मान्यता है।