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माफिया अतीक अहमद के परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गुरुवार सुबह झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद और उसके एक साथी की दर्दनाक मौत हो गई। आबान झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। इस दुखद घटना के बाद पहली बार बड़े भाई अहजम अहमद का बयान सामने आया है। अहजम ने अपने छोटे भाई की मौत पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन से भावुक अपील की है। अहजम अहमद ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा है कि मेरे भाइयों को मिट्टी (जनाजे/अंतिम संस्कार) में शामिल होने दिया जाए। प्रशासन से मेरी यही अपील है।

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Jhansi Accident
– फोटो : AI/अमर उजाला
जानवर को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, यह भीषण हादसा गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। आबान अहमद अपने साथियों के साथ एक तेज रफ्तार क्रेटा कार से प्रयागराज से झांसी की ओर आ रहा था। पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास झांसी-कानपुर हाईवे पर अचानक एक जानवर सड़क पर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित हो गई और सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि आबान अहमद और उसके साथी सोनू खान के सिर में गंभीर चोटें आईं और दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

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– फोटो : AI/अमर उजाला
हादसे में ये लोग हुए घायल
अहजम: निवासी बादशाही मंडी (प्रयागराज)
मोहम्मद जैद: निवासी कोतवाली (प्रयागराज)
उमर अहमद: निवासी पूरा मुफ़्ती (प्रयागराज)

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– फोटो : AI/अमर उजाला
पुलिस ने सभी को पहुंचाया अस्पताल
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार में फंसे घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि प्रारंभिक सूचना और शिनाख्त में मृतक की पहचान अतीक अहमद के पुत्र आबान अहमद के रूप में हुई है।

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– फोटो : AI/अमर उजाला
करीब 10 महीने से झांसी जेल में बंद है अली अहमद
उमेश पाल हत्याकांड और रंगदारी जैसे संगीन मामलों में आरोपी अली अहमद पिछले लगभग 10 महीने से झांसी जेल में ही बंद है। इससे पहले वह प्रयागराज की नैनी जेल में था। नैनी जेल में उसकी बैरक से सघन तलाशी के दौरान 1100 रुपये नकद बरामद हुए थे। इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से 1 अक्टूबर 2025 को उसे हाई सिक्योरिटी के तहत झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया था।
