समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आत्मप्रशंसा वाले विज्ञापनों पर प्रतिदिन 2.3 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें बदनामी के अलावा कुछ नहीं मिला। अखिलेश ने कहा कि बिना विचार के प्रचार से कुछ हासिल नहीं होता। मुख्यमंत्री अकेले में बैठकर सोचें तो उन्हें पता चलेगा कि उनका प्रचार तंत्र ही उनके अंत का कारण बन रहा है।
अखिलेश यादव ने लखनऊ के अग्निकांड में बच्चे को खोने वाली महिला के साथ मुख्यमंत्री के कथित दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि इसका वीडियो पूरी दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का कार्यकाल अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे, चंदे और दान में चोरी के आरोपों, विपक्ष पर मुकदमे, बुलडोजर के दुरुपयोग और कथित फर्जी एनकाउंटर जैसी घटनाओं के लिए याद किया जाएगा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार में पीडीए के साथ अत्याचार हुआ और लोगों के घर, दुकान व विश्वविद्यालय तक गिराए गए।
सपा प्रमुख ने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का आह्वान किया। लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में विभिन्न जिलों से आए नेताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर संयम बरतने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मीडिया और मोबाइल सोशल मीडिया पर अच्छी बातें आएंगी तो गुमराह करने वाली बातें भी आएंगी। किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें और न ही गलत बात लिखें। जाति-धर्म को लेकर टिप्पणी से बचें तथा अपने आचरण और वाणी पर संयम रखें।
अखिलेश ने भाजपा पर अयोध्या के राम मंदिर के चंदे-चढ़ावे में चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का विकास से कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बनाई गई सड़कें बनते ही धंसने और टूटने लगी हैं तथा घटिया डामर का इस्तेमाल हो रहा है।
