गोमतीनगर थाना परिसर में बने कमरे(बैरक) में बिजनौर जिले के चांदपुर निवासी सिपाही आकाश यादव (26) ने रविवार दोपहर फंदा लगा लिया। पुलिस को छानबीन में सुसाइड नोट नहीं मिला, इसलिए आकाश ने आत्महत्या क्यों की इसका करण पता नहीं चल सका।
इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सिपाही आकाश गोमतीनगर थाने में दो साल से तैनात थे। वह वर्तमान में क्राइम टीम में कार्यरत थे। वह थाना परिसर में ही बने कमरे में रहते थे। वह वर्ष 2019 बैच के सिपाही हैं। रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे उन्होंने साथ में काम करने वाले सिपाही को कॉल की थी। उन्होंने उससे शाम को मिलने की बात कही थी, फिर कॉल काट दी थी।
दोपहर करीब तीन बजे थाने में तैनात सिपाही अपनी ड्यूटी खत्म करके जब कमरे पर पहुंचे तो उन्हें दरवाजा अंदर से बंद मिला। 15 मिनट कर दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो वह तो उन्होंने खिड़की से झांका। अंदर का नजारा देख कर वह दंग रह गए। सिपाही आकाश पंखे से चादर के सहारे लटके हुए थे।
इंस्पेक्टर ने बताया कि सतीश ने घटना की जानकारी उन्हें दी। पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर आकाश का शव नीचे उतारा। घटना की जानकारी आकाश के पिता अनिल को दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि सिपाही का मोबाइल कब्जे में लिया गया है। घरवाले अगर कोई आरोप लगाते हैं या तहरीर देते हैं तो जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं, थाने में ऐसी चर्चा है कि आकाश कुछ समय से तनाव में चल रहे थे। उनके परिवार में पिता के अलावा मां और दो भाई भी हैं।
