उरई। रामपुरा पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी की छह बाइकें, एक चेसिस, पांच मोबाइल फोन, पेचकस, हथौड़ा समेत चोरी में इस्तेमाल होने वाले अन्य औजार बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने अब तक 200 से अधिक बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की है।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के बदमाश अलग-अलग स्थानों से बाइक चोरी करते थे। बदमाश बाइक का ताला तोड़कर उसे खोलता था। ताला नहीं खुलने पर मास्टर लॉक तोड़कर बाइक चोरी कर ली जाती थी।
बाइक चोरी करने के बाद गिरोह के सदस्य मौके से उसकी नंबर प्लेट बदल देते थे, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करना मुश्किल हो सके। इसके बाद चोरी के वाहनों को कबाड़ी को बेच दिया जाता था। कई बाइकों के पार्ट्स अलग-अलग कर बेचने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब बरामद वाहनों का अन्य थानों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से मिलान कर रही है।
पुलिस ने थाना क्षेत्र के जगम्मनपुर निवासी सुरदीप बंसल, नमन तिवारी, सुशील कुमार शुक्ला, औरैया जिले के अयाना थाना क्षेत्र के अकबरपुर गांव निवासी शाहबुद्दीन, गोहन थाना क्षेत्र के अस्तौलीपुर निवासी खुशीद अहमद, अजीतमल थाना क्षेत्र के बावासपुर निवासी बाबू खां, इकरार अहमद, कुठौंद थाना क्षेत्र के इटवा गांव निवासी मंगल कुशवाहा, बुढवाल गांव निवासी जीश जुनैदी, शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से छह बाइकें, एक चेसिस, पांच मोबाइल फोन, पेचकस, हथौड़ा और अन्य औजार बरामद किए गए हैं। पुलिस बरामद बाइकों के संबंध में अन्य जिलों और थानों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
कबाड़ी से लेकर गिरोह के अन्य बदमाशों तक जांच
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के साथ चोरी की बाइक खरीदने वाले कबाड़ियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि गिरोह में चोरी करने से लेकर वाहनों को ठिकाने लगाने तक अलग-अलग लोगों की भूमिका हो सकती है।
अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि जनपद में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के वाहनों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
