-पूर्व एटीसी, आईटी सुनीता वर्मा की भूमिका तलाश रही पुलिस, मिले सबूत
-225 प्राइवेट कर्मियों की थी जरूरत, 320 कर लिए गए भर्ती, 45 को निकाला
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले प्राइवेटकर्मियों से नाैकरी के नाम पर 14.50 करोड़ रुपये तक की वसूली हुई। 280 से अधिक कर्मचारियों पर एजेंसी प्रतिनिधियों व परिवहन विभाग के अफसरों ने दबाव बनाकर वसूली की। यही वजह है कि 225 कर्मचारियों की जरूरत थी, लेकिन अफसरों ने मिलीभगत कर 320 कर्मियों को भर्ती कर लिया, फिर धीरे-धीरे छंटनी शुरू कर दी गई। 45 कर्मी अभी तक बाहर किए जा चुके हैं।
हाल ही में पूर्व अपर परिवहन आयुक्त, आईटी सुनीता वर्मा व सिल्वर टच एजेंसी के श्याम मोहन अग्निहोत्री, निखिल वर्मा, विकास यादव, शैलेंद्र, हारुन अंसारी, विमल पाठक के खिलाफ बरेली में एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें प्रार्थी अमन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि बरेली आरटीओ में डीएल कर्मी के रूप में नियुक्ति के लिए उनसे पांच लाख रुपये वसूले गए। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जिसमें पूर्व अपर परिवहन आयुक्त सुनीता वर्मा की संलिप्तता उजागर हो रही है। वसूली के लिए ही आवश्यकता से अधिक कर्मचारियों की भर्ती की गई। दरअसल, प्रदेशभर में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, प्रिंट कराने व उन्हें आवेदकों के घर तक डिलीवर करने की जिम्मेदारी तीन एजेंसियों सिल्वर टच, फोकाम व रोजमार्टा के पास है। इन एजेंसियों ने आरटीओ, एआरटीओ में डीएल बनाने का काम करने के लिए प्रदेशभर में 320 कर्मचारियों की भर्ती कर ली। जबकि नियमत: प्रत्येक एजेंसी को सिर्फ 75 कर्मियों की भर्ती करनी थी, लेकिन प्राइवेटकर्मियों से वसूली के लिए 125 कर्मियों की भर्ती की गई। सूत्र बताते हैं कि इन कर्मचारियों से पांच-पांच लाख रुपये तक की वसूली हुई। जब कर्मचारियों से उनकी सैलरी का पैसा एडवांस में मांगा तो आपत्तियां सामने आने लगी। यही वजह है कि बरेली में एफआईआर दर्ज हुई। आने वाले दिनों में प्रदेशभर में ऐसी और भी एफआईआर दर्ज होने की आशंका जताई जा रही है।
पद का जमकर उठाया लाभ, दबवाई जांचें
पुलिस सूत्रों की मानें तो पूर्व एटीसी, आईटी सुनीता वर्मा ने प्राइवेट डीएल कर्मियों की भर्ती में जमकर वसूली की है। पद पर रहते हुए उन्होंने डीएल कर्मियों की शिकायतों को दबवाया। इतना ही नहीं उन्होंने अपने परिचितों के कहने पर भी भर्तियां करवाईं, जिससे सिक्योरिटी के नाम पर वसूली भी की गई।
पुराने मामले भी खंगालेगी पुलिस
बरेली पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। आरोपितों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही उनका पुराना रिकाॅर्ड भी खंगाला जा रहा है। इतना ही नहीं बरेली पुलिस की टीम परिवहन विभाग मुख्यालय में पूर्व एटीसी, आईटी सुनीता वर्मा के सहयोगियों व कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
कोडवर्ड में होती थी वसूली
विभागीय सूत्र बताते हैं कि पूर्व एटीसी, आईटी का रिकाॅर्ड पहले से खराब रहा है। उनके खिलाफ शिकायतें आती रही हैं। इतना ही नहीं वाहनों की चेकिंग के दाैरान जमकर वसूली की। डीएल कर्मियों से वसूली के लिए एजेंसी प्रतिनिधियों का इस्तेमाल करती थीं, जिनसे वह कोडवर्ड में बातचीत करती थीं।
वसूली की, नाैकरी से भी निकाला
परिवहन विभाग के अधिकारियों की कारस्तानी का आलम यह रहा कि प्राइवेटकर्मियों से वसूली की गई और उन्हें नाैकरी से भी निकाला गया। जब कर्मचारियों से उनकी तनख्वाह की धनराशि वापस मांगी गई तो जिन कर्मचारियों ने इनकार किया, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया। ऐसे 45 कर्मी निकाले जा चुके हैं।
