महिगवां के शाहपुर चौराहे के पास शराब के ठेके पर पहले शराब खरीदने को लेकर हुए विवाद में ई-रिक्शा चालक दिलीप उर्फ मोनू सिंह (25) की बुधवार रात कुछ लोगों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। भाई सोनू की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों पर हत्या की एफआईआर दर्ज कर अभिषेक और अनुज समेत दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है।
पोस्टामार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट से मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर चोट के कई निशान भी मिले हैं। डीसीपी नॉर्थ अमित आनंद ने बताया कि अटेसुवा गांव निवासी दिलीप शाहपुर चौराहे पर बुधवार रात करीब आठ बजे शराब ठेके गए थे। वहां पहले शराब खरीदने को लेकर दिलीप का दो युवकों से विवाद हो गया। दोनों युवक गाली-गलौज करने लगे। दिलीप के विरोध पर आरोपियों ने साथियों को बुला लिया।
लाठी-डंडे लेकर एसयूवी से पहुंचते ही आरोपियों ने दिलीप पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। इससे दिलीप गंभीर रूप से घायल हो गए और आरोपी भाग गए।
ठेके के कर्मचारियों ने दिलीप को मरणासन्न हालत में देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची महिगवां पुलिस दिलीप को सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से पकड़े गए आरोपी डीसीपी ने बताया कि शराब ठेके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस को एसयूवी का नंबर मिला। देर रात ही पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस चारों से पूछताछ कर रही है। दिलीप के परिवार में भाई सोनू, मां मंजू देवी, पत्नी रोहिणी और 18 माह का बेटा है।
दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक चला प्रदर्शन: दिलीप की हत्या के बाद नाराज परिजनों ने बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे कुम्हरावां चौराहे पर जाम लगा दिया। उन्होंने 50 लाख रुपये मुआवजे देने और भागे चल रहे दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। जाम के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट किया। बाद में पुलिस और प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और दिलीप का शव लेकर गांव चले गए।
