बसपा प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा प्रमुख के राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और उसके नेता को लेकर दिए गए ‘चवन्नी से रुपया बना दिया’ वाले बयान को अमर्यादित और शर्मनाक बताया। मायावती ने कहा कि इस बयान के लिए सपा नेतृत्व को रालोद, उसके नेता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार के साथ जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए।

मायावती ने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति में विरोधी दलों के साथ-साथ सहयोगी दलों के प्रति भी संकीर्णता और जातिवादी रवैया रहा है। उनके मुताबिक, इसका राजनीतिक लाभ कई मौकों पर भाजपा को मिला और धर्मनिरपेक्ष ताकतें कमजोर हुईं।

सपा पर गंभीर आरोप लगाए

उन्होंने 1993 में सपा-बसपा गठबंधन बनने और बाद में टूटने का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बाद 2 जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ। मायावती ने इसे अपने खिलाफ हत्या के षड्यंत्र से जोड़ते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए।बसपा प्रमुख ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद गठबंधन टूट गया और यह सपा के अहंकारी तथा स्वार्थी रवैये का परिणाम था।

पीडीए को लेकर भी निशाना साधा

मायावती ने अखिलेश यादव के पीडीए को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अपने राजनीतिक हित के अनुसार पीडीए में ‘पी’ की अलग-अलग व्याख्या करती है। साथ ही उन्होंने सपा की पिछली सरकारों पर दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और सवर्ण समाज, विशेषकर ब्राह्मणों, के हितों की अनदेखी तथा कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में जनता से सपा को सत्ता से दूर रखने की अपील की और सर्वसमाज को उसकी कथित संकीर्ण एवं जातिवादी राजनीति से सावधान रहने को कहा।


 



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