उरई। मलंगा नाले पर दो करोड़ रुपये से बन रहे 15 मीटर लंबे पुल का चार मीटर हिस्सा गुरुवार देर रात तेज बारिश में भरभराकर ढह गया। जिस पुल से रगौली और आसपास के ग्रामीणों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद थी, वह पानी में समा गया। अब ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है।
मलंगा नाले पर पुराने पुल को तोड़कर नए का निर्माण कराया जा रहा है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र के रगौली व जलालपुर सहित गांवों को आवागमन की सुविधा मिलनी है। बृहस्पतिवार की रात बारिश से नाले का जलस्तर बढ़ते ही निर्माणाधीन हिस्सा तेज बहाव की चपेट में आ गया। पुल का हिस्सा टूटकर पानी में गिरा और देखते ही देखते सरिया और मलबा बह गया।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन पुल की मजबूती को लेकर पहले से ही सवाल थे। अब पहली तेज बारिश में निर्माणाधीन हिस्सा ढहने से इन आशंकाओं को और बल मिला है। ग्रामीणों ने पुल निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता, सरिया, सीमेंट और निर्माण प्रक्रिया की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
दो बार अस्थायी पुल बहा, फिर भी नहीं चेता विभाग
पुल निर्माण के दौरान लोगों की आवाजाही के लिए पीडब्ल्यूडी ने अस्थायी पुल बनाया था। बारिश के दौरान वह दो बार तेज बहाव में बह चुका है। इसके बाद भी ग्रामीणों को मजबूरी में उसी रास्ते से जोखिम उठाकर निकलना पड़ रहा था। अब निर्माणाधीन पुल भी ढह गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब विभाग को नाले के तेज बहाव का अंदाजा था तो सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
ग्रामीणों की जिंदगी बनी जोखिम का सफर
पुल ढहने के बाद रगौली के लोगों की मुश्किल बढ़ गई है। रोजमर्रा के काम से एट और उरई जाने वालों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए परेशानी और गंभीर है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बीच वैकल्पिक रास्ते भी कीचड़ से पटे हैं। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन सकता है।
वर्जन
तेज बारिश से नाले में पानी का बहाव बढ़ने के कारण निर्माणाधीन पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। मौके का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली जा रही है। बारिश के बाद हिस्से को सही कराया जाएगा।
– सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
ग्रामीणों ने डीएम से की शिकायत, वैकल्पिक रास्ता बनवाने और निर्माण की जांच की मांग
उरई। रगौली गांव के रास्ते पर निर्माणाधीन पुल की वजह से करीब 15 दिन से आवागमन प्रभावित है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के स्कूल जाने के साथ मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कत हो रही है।
समस्या को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार से कई बार वैकल्पिक रास्ता बनवाने की मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने तत्काल वैकल्पिक रास्ता बनवाने के साथ ही पुल निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत करने वालों में हुकुम सिंह, ऋषभ, लक्ष्मण प्रसाद, राजेंद्र, हुसेन शाह, अभिषेक, अंकुश, किशुनलाल, रिंकू, रविंद्र पाल समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे।

फोटो – 29 रगौली गांव को जोड़ने वाला पुल का ढहा हिस्सा। संवाद

फोटो – 29 रगौली गांव को जोड़ने वाला पुल का ढहा हिस्सा। संवाद
