शासन के निर्देश पर चल रहे ”मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” अभियान के तहत परिवहन विभाग ने शुक्रवार को विभिन्न विद्यालयों के आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान स्कूली बच्चों के परिवहन में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए नौ वाहनों को थाने में निरुद्ध कराया गया, जबकि छह वाहनों के चालान किए गए।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रथम हेमचंद्र सिंह गौतम, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) डॉ. सुजीत सिंह और यात्रीकर अधिकारी सुरेंद्र कुमार अग्रवाल की संयुक्त टीम ने सुबह व दोपहर के समय विभिन्न विद्यालयों के बाहर वाहनों की जांच की। जांच के दौरान कई ऐसे निजी वाहन मिले, जिनका स्कूली वाहन के रूप में पंजीकरण नहीं था और न ही उनके पास बच्चों के परिवहन के लिए आवश्यक परमिट था। इनमें मारुति वैन, ईको, टैम्पो-टैक्सी और ई-रिक्शा शामिल रहे।
एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. सुजीत सिंह ने बताया कि आगे भी औचक अभियान चलाकर प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखी जाएगी। उन्होंने स्कूल आने-जाने वाले छात्रों के वाहन चालकों को नियमानुसार स्कूल परमिट कराने की हिदायत दी। साथ ही, विद्यालय प्रबंधनों से कहा गया है कि वे ऐसे निजी वाहनों से आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को नियमों की जानकारी दें। इसके अलावा, विद्यार्थियों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन से विद्यालय आने की अनुमति न दी जाए।
एआरटीओ डॉ. सुजीत सिंह ने जनपद के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाली बसों, टैक्सियों, मैक्सी, ऑटो-रिक्शा, दोपहिया और गैर-व्यावसायिक वाहनों का पूरा विवरण तैयार करें। इन वाहनों से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार कर ”जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति” की बैठक में प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
