लगातार बारिश ने बांधों की प्यास बुझा दी है। बेतवा नदी के जलस्तर में भी तेजी से इजाफा हुआ है। सुकुवां-ढुकुवां, पारीछा और बड़वार बांध अपने अधिकतम जलस्तर तक पहुंच गए हैं। शनिवार को सुकुवां और पारीछा के गेट खोलकर 3802 क्यूसेक पानी बेतवा नदी में छोड़ा गया। मंडल के 27 बांधों में 16 अब 50 फीसदी से अधिक भर चुके हैं।
पहाड़ी बांध से 8580 और लहचूरा बांध से 17 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर बढ़ने से राजघाट बांध 88.07 और माताटीला बांध 63.46 प्रतिशत भर गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि 15 सितंबर तक झांसी मंडल के ज्यादातर बांध भर जाएंगे। सूखे की आशंका के बीच बांधों में पर्याप्त पानी पहुंचने से सिंचाई विभाग ने राहत की सांस ली है।
बेतवा के बहाव में तेजी आने से सुकुवां बांध का जलस्तर शनिवार को अधिकतम 271.27 मीटर पर पहुंच गया। पारीछा का जलस्तर भी 192.94 मीटर के अधिकतम स्तर तक पहुंच गया। बड़वार बांध भी 185.99 मीटर के अधिकतम जलस्तर पर पहुंच गया। मऊरानीपुर स्थित लहचूरा बांध पहले ही लबालब भर चुका है। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, झांसी मंडल के 27 बांधों में से 16 बांध 50 प्रतिशत से अधिक भर चुके हैं। अधिशासी अभियंता बृजेश पोरवाल ने बताया कि बेतवा का जलस्तर बढ़ने से अन्य बांधों में भी आवश्यकता के अनुसार पानी का भंडारण किया जा सकेगा।
बांधों में मौजूदा पानी
बांध जलस्तर (मीटर) उपयोगी पानी (%) डिस्चार्ज
राजघाट 371 88.07 शून्य
माताटीला 308 63.46 शून्य
सुकुवां 271.27 100 1600 क्यूसेक
पारीछा 192.94 100 2202 क्यूसेक
पहूज 234.09 47.88 शून्य
बड़वार 185.99 100 शून्य
डोंगरी 272.20 8.17 शून्य
खपरार 273.00 40.71 शून्य
सपरार 224.64 39.67 शून्य
पहाड़ी 195.93 84.12 8580 क्यूसेक
लहचूरा 182.30 100 17000 क्यूसेक
लखेरी 185.20 52.99 शून्य
नदियां खतरे के निशान से नीचे, बेतवा में बढ़ाव
सिंचाई विभाग की 22 अगस्त की नदी गेज रिपोर्ट के अनुसार नोटघाट में बेतवा नदी का जलस्तर 192.360 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 205 मीटर से 12.64 मीटर नीचे है। हालांकि नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नोटघाट में पिछले 24 घंटे के दौरान जलस्तर बढ़ा है। झांसी में एक जून से अब तक 325 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
सुकुवां-ढुकुवां बांध से छोड़ा गया पानी…
