उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लिखित परीक्षा रविवार को जनपद के 18 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि परीक्षा में पंजीकृत 7,224 अभ्यर्थियों में से 5,557 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1,667 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र में उत्तर प्रदेश से संबंधित सामान्य जानकारी के सवालों ने सबसे ज्यादा दिमाग लगाना पड़ा। पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रश्नों ने भी परेशान किया। सामान्य हिंदी, कंप्यूटर, सामान्य विज्ञान, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था और समसामयिक घटनाओं से जुड़े सवाल भी पूछे गए। अभ्यर्थियों ने बताया कि कुछ सवाल सीधे थे, जबकि कुछ में विकल्पों के बीच सही उत्तर चुनने में समय लगा। खासकर यूपी जीके और पर्यावरण के सवालों ने समय प्रबंधन की परीक्षा ली।
कड़ी सुरक्षा में कराई गई परीक्षा
परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल और एसपी सिटी प्रीति सिंह ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा केंद्रों की लोकेशन व निगरानी रखी गई। परीक्षा के दौरान केंद्रों के आसपास धरना, प्रदर्शन, जुलूस और जनसभा पर रोक रही। फोटोस्टेट की दुकानें भी बंद रखी गईं। जनपद में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-163 प्रभावी रही और अधिकारियों व मजिस्ट्रेटों ने इसका कड़ाई से अनुपालन कराया।
यह बोले अभ्यर्थी
पेपर कुल मिलाकर संतुलित रहा, लेकिन कुछ सवालों ने समय जरूर लिया। उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान के प्रश्नों में कई अभ्यर्थियों को थोड़ी परेशानी हुई। समय प्रबंधन ठीक रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए पेपर पूरा करना संभव रहा। – आनंद सिंह
हिंदी और सामान्य अध्ययन के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान लगे। उत्तर प्रदेश से जुड़े कुछ प्रश्नों में विकल्पों को लेकर सोचने में समय लगा। पेपर में प्रतिस्पर्धा के स्तर को ध्यान में रखते हुए तैयारी का अच्छा परीक्षण हुआ।-उत्कर्ष
पर्यावरण से जुड़े प्रश्नों ने थोड़ा चौंकाया और कुछ सवाल सीधे तौर पर याददाश्त पर आधारित लगे। सामान्य ज्ञान वाले हिस्से में कई प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा।कुल मिलाकर पेपर सामान्य स्तर का रहा, हालांकि कटऑफ को लेकर अभी अनुमान लगाना मुश्किल है।-अमन, कानपुर
दो घंटे में पूरे प्रश्नपत्र को हल करना था, इसलिए शुरुआत से ही समय का ध्यान रखना पड़ा। आखिरी में तेजी से सवाल करने पड़े। पेपर देखकर शुरुआत में थोड़ा दबाव महसूस हुआ, लेकिन आगे बढ़ने पर कई सवाल सीधे भी मिले। कुल मिलाकर पेपर संतुलित लगा।– हेमंत, कानपुर
