उरई। त्योहारों से पहले चीनी के लगातार बढ़ते दामों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एक सप्ताह से बाजार में चीनी की कीमत लगातार ऊपर जा रही है और कई जगह फुटकर में एक किलो चीनी के लिए 65 से 70 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। रोजाना एक-दो रुपये तक दाम बढ़ने की शिकायतों के बीच अब प्रशासन ने चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर शिकंजा कस दिया है। डीएम राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर जिले में पांच निगरानी टीमें गठित की गई हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजीव राज के नेतृत्व में सभी एसडीएम और जिला पूर्ति अधिकारी चीनी के स्टॉक, बिक्री और बाजार भाव पर नजर रखेंगे।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहारों की मांग को देखते हुए यदि किसी व्यापारी ने स्टॉक रोककर कृत्रिम कमी पैदा करने, निर्धारित से अधिक कीमत वसूलने या कालाबाजारी की कोशिश की तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। गंभीर अनियमितता मिलने पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। जिले में चीनी के पांच प्रमुख थोक विक्रेता हैं। प्रशासन इन सभी के स्टॉक और बिक्री पर विशेष नजर रखेगा। थोक विक्रेताओं के साथ बैठक कर पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि किसी भी हालत में चीनी की जमाखोरी न की जाए। निगरानी टीमें जरूरत के अनुसार गोदामों और प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन करेंगी और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड से उसका मिलान करेंगी।

दुकानदार ही नहीं, ग्राहक भी बनेगा प्रशासन की आंख-कान

इस बार प्रशासन ने बाजार की निगरानी में ग्राहकों के फीडबैक को भी अहम हथियार बनाया है। किसी ग्राहक को यदि किसी दुकान पर चीनी तय बाजार भाव से अधिक कीमत पर मिलती है या दुकानदार स्टॉक होने के बावजूद चीनी न देने की बात कहता है, तो इसकी शिकायत प्रशासन तक पहुंचाई जा सकती है। शिकायत मिलने पर संबंधित क्षेत्र की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी। शिकायत सही मिलने पर व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रोज बढ़ रहे भाव से बढ़ी चिंता

चीनी के दामों में लगातार तेजी ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। वर्तमान में बाजार में चीनी करीब 65 से 70 रुपये किलो तक बिक रही है। खासतौर पर त्योहारों के दौरान मिठाई और घरेलू पकवानों में चीनी की खपत बढ़ने से मांग बढ़ना तय माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासन को आशंका है कि मांग बढ़ने का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी स्टॉक रोककर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर सकते हैं।

थोक से फुटकर तक निगरानी, मनमानी कीमत पर होगी कार्रवाई

प्रशासन की टीमें केवल बड़े गोदामों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि फुटकर दुकानों की बिक्री और कीमतों पर भी नजर रखेंगी। अधिकारियों का फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि थोक बाजार से जिस कीमत पर चीनी निकल रही है, उसके मुकाबले फुटकर में कितनी कीमत ली जा रही है। असामान्य अंतर मिलने पर संबंधित दुकानदार से खरीद और स्टॉक का ब्योरा लिया जा सकता है।

त्योहारों में कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिश पर सख्ती

आने वाले त्योहारों को देखते हुए चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने इसी को ध्यान में रखते हुए पहले से निगरानी शुरू कर दी है, ताकि बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे। अधिकारियों का कहना है कि सामान्य व्यापार करने वाले कारोबारियों को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन जमाखोरी, कालाबाजारी और उपभोक्ताओं से मनमानी कीमत वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत से जांच तक, टीम करेगी मौके पर कार्रवाई

प्रशासन की नई व्यवस्था में शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई को तेज रखने पर जोर दिया गया है। किसी ग्राहक की शिकायत को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखकर संबंधित क्षेत्र की टीम से मौके पर जांच कराई जाएगी। स्टॉक, बिक्री और कीमत में गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



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