सोना तस्करी के मामले में कन्नौज से पकड़े गए तस्करों व उनके साथियों ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीने में छह बार नेपाल से करीब 100 करोड़ रुपये का सोना भारत लाए हैं। इस सोने की खेप को यूपी, दिल्ली और अन्य राज्यों में पहुंचाया गया। फिर रकम वापस नेपाल के सप्लायर तक पहुंचाई गई। आरोपियों ने इसका खुलासा किया है। कस्टम ने सोमवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
कन्नौज में 22 अगस्त को एक कार की पुलिस जीप से टक्कर हुई थी। तलाशी में कार से 10 किलो सोने की ईंटें मिलीं। महराजगंज निवासी संदीप जायसवाल और नेपाल के सरोज पंथ को पकड़ा गया। कस्टम टीम तस्करों को लेकर लखनऊ आई थी। ये दोनों सोने की खेप दिल्ली ले जा रहे थे।
सराफा कारोबारियों का कनेक्शन
जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिनसे तस्करों के तार कई सराफा कारोबारियों से जुड़े होने की बात पता चली है। सोना सप्लाई करने वाले तस्करों को प्रति चक्कर एक से दो लाख रुपये दिए जाते थे। खाड़ी देशों से सोने की खेप नेपाल पहुंचाई जाती है। वहां से सड़क मार्ग से इसे भारत लाया जाता है, क्योंकि एयरपोर्ट पर सख्ती अधिक होती है। यह बॉर्डर सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।