बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से संविधान, हिजाब विवाद और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर चल रहे तनाव पर पार्टी का कड़ा रुख साफ किया है। बाबा साहेब द्वारा दिए गए धर्मनिरपेक्ष संविधान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के सभी धर्मों की मान्यताओं, परंपराओं और रीति-रिवाजों का पूरा सम्मान होना चाहिए तथा इनमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप अनुचित है।
शैक्षणिक संस्थानों में यूनिफॉर्म, पर्दा या हिजाब से जुड़े विवादों पर उन्होंने सलाह दी कि ऐसे मामलों को अनावश्यक तूल देकर अदालती या कानूनी विवाद बनाने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन को आपसी समझ-बूझ से इन मुद्दों को सुलझाना चाहिए ताकि कोई भी तत्व इस पर संकीर्ण राजनीति न कर सके। इसके साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बने तनावपूर्ण माहौल का तुरंत और शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग की है।
