झांसी। झांसी में क्रिकेट के लिए न तो सरकारी प्रशिक्षक की व्यवस्था है और न ही नियमित अभ्यास करवाया जाता है। इसके बावजूद यहां की प्रतिभाओं ने अपने दम पर राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाई। मैदान बदला, भूमिका बदली, लेकिन शहर के कई क्रिकेटर मैदान छोड़ने के बाद भी खेल को दिशा देते रहे। रणजी ट्रॉफी खेलने से लेकर चयनकर्ता, कोच, टीम मैनेजर और प्रशासक तक की भूमिकाएं निभाकर उन्होंने शहर की क्रिकेट विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाया। अब नई प्रतिभाओं को दिशा दे रहे हैं।

अरविंद कपूर : रणजी की पिच से भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम तक

अरविंद कपूर का सफर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। विजय मर्चेंट ट्रॉफी से शुरुआत कर बीनू मांकड और कूच बिहार ट्रॉफी तक पहुंचे। 1990 से 1992 तक उत्तर प्रदेश और मध्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 1992 से 1998 तक उत्तर प्रदेश और भारतीय रेलवे की ओर से रणजी ट्रॉफी खेली। राष्ट्रीय शिविरों में भी जगह बनाई।

खेल के बाद भी उनका सफर जारी रहा। 2016 से 2018 तक यूपी जूनियर और 2019 से 2021 तक यूपी सीनियर चयन समिति की जिम्मेदारी संभाली। 2016 टी-20 विश्वकप में पाकिस्तान टीम के लायजन ऑफिसर रहे। 2017 में भारत-ए और न्यूजीलैंड-ए सीरीज में भारतीय टीम के मैनेजर बने।

टेस्ट क्रिकेट में भी जिम्मेदारियां मिलीं

2023 में अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में ऑब्जर्वर, 2024 में कानपुर में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में लोकल मैनेजर और भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज में भारतीय सीनियर टीम के मैनेजर रहे। वर्तमान में वह यूपी सीनियर क्रिकेट टीम के हेड कोच, उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल के खेलकूद सचिव और झांसी डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।

अजय मिश्रा ने संभाला प्रशासन का मोर्चा

अजय मिश्रा ने भारतीय रेल की अंडर-19 टीम के लिए कूच बिहार ट्रॉफी खेली। उत्तर प्रदेश की ओर से सीके नायडू स्कूली प्रतियोगिता और अंडर-16 बीनू मांकड ट्रॉफी में भी प्रतिनिधित्व किया। भारतीय रेल की सीनियर टीम के कैंप में शामिल रहे। अब झांसी डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव और यूपीसीए की अनुशासन समिति के सदस्य के रूप में क्रिकेट प्रशासन संभाल रहे हैं।

कुनाल यादव में दिख रही नई उम्मीद

नई पीढ़ी में तेज गेंदबाज कुनाल यादव झांसी की क्रिकेट विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यूपी की अंडर-19 कूच बिहार, अंडर-23 सीके नायडू और रणजी ट्रॉफी खेली। भारतीय रेलवे की ओर से रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप में भी जगह बनाई। दिलीप ट्रॉफी के लिए मध्य क्षेत्र की टीम में सुरक्षित खिलाड़ी रहे। यूपी टी-20 में मेरठ मेवरिक्स की ओर से खेल चुके कुनाल अब युवा गेंदबाजों के लिए प्रेरणा हैं।

महिला क्रिकेट में भी मजबूत मौजूदगी

गायत्री अग्रवाल ने 2009 से 2015 तक यूपी सीनियर महिला टीम का प्रतिनिधित्व किया और पांच साल अंडर-19 टीम में रहीं। एनसीए व राष्ट्रीय शिविरों के अलावा 2012 टी-20 विश्वकप कैंप, 2013 इंडिया चैलेंजर ट्रॉफी और 2014 अंडर-19 इंडिया कैंप में शामिल हुईं। 2012 की यूपी सीनियर महिला टीम की ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा रहीं।

बाद में उन्होंने टीम मैनेजमेंट और कोचिंग संभाली। 2019 से 2024 तक यूपी टीम मैनेजर, 2025 में यूपी अंडर-23 महिला टीम की सहायक कोच और 2026 में यूपी सीनियर महिला टीम की मैनेजर बनीं। यूपी टीम चयन समिति में ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।

अक्षय से संजय तक जारी है सिलसिला

अक्षय सैनी ने अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 कैंपों में जगह बनाई। दो साल विजय हजारे कैंप में रहे और यूपी टी-20 के 2022-23 व 2023-24 सत्र में मेरठ मेवरिक्स से जुड़े। संजय यादव ने यूपी अंडर-16 से शुरुआत की और 1991 से 1994 तक भारतीय रेलवे की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया। रेलवे की ओर से भी क्रिकेट खेला। अब युवा खिलाड़ियों को तकनीकी बारीकियां सिखा रहे हैं। वह तेज गेंदबाज कुनाल यादव के पिता भी हैं।

14 की उम्र में यूपी की जर्सी, अब बीसीसीआई कोच

अदिति शर्मा ने 2010 में महज 14 वर्ष की उम्र में यूपी अंडर-19 महिला टीम में पदार्पण किया। अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया और अंडर-23 टीम की कप्तानी भी संभाली। सीनियर इंटरजोनल क्रिकेट में भी खेलीं। अब वह बीसीसीआई लेवल-2 क्वालिफाइड कोच हैं और युवा क्रिकेटरों को तैयार कर रही हैं।

यूपी से रेलवे तक विश्वा मोहिनी का सफर

विश्वा मोहिनी मिश्रा ने यूपी अंडर-19 महिला टीम की ओपनर के रूप में कॅरिअर शुरू किया। 2010-11 में पुणे में हुए ऑल इंडिया महिला अंडर-19 टूर्नामेंट की विजेता यूपी टीम का हिस्सा रहीं। यूपी सीनियर महिला वनडे में 2013-14 और 2017-18 में खेलीं। रेलवे क्रिकेट में 2015-16 में इंडियन रेलवे महिला अंडर-23 टूर्नामेंट की उपविजेता टीम का हिस्सा रहीं। 2025 में प्रयागराज में हुए 34वें ऑल इंडिया इंटर रेलवे महिला टूर्नामेंट में उनकी टीम ने खिताब जीता।



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