प्रदेशभर में स्कूलों की खामियों पर प्रदर्शन के बाद सरकार सक्रिय हो गई है। शासन के निर्देश पर जिलों में स्कूलों की अवस्थापना सुविधाओं का भौतिक सत्यापन शुरू हुआ है। साथ ही आवश्यक सुधार कार्य भी कराए जा रहे हैं।
उन्नाव, बुलंदशहर जैसे अन्य जिलों में इसके लिए टीमें बनाई गई हैं। उन्नाव में जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने एसडीएम, खंड विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्हें कम से कम पांच विद्यालयों का सत्यापन कर 29 अगस्त तक बीएसए को रिपोर्ट देनी है। इस रिपोर्ट में शिक्षकों, छात्रों की संख्या, उपस्थिति, सफाई और शौचालयों की स्थिति शामिल होगी।
बुलंदशहर में जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने 126 विद्यालयों के लिए अधिकारियों की टीम बनाई है। मुख्य सचिव ने पहले ही विद्यालयों की सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट की निगरानी और तथ्यात्मक जांच के भी आदेश दिए थे। बेसिक शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों की निगरानी बढ़ा दी है।
जांच और समाधान की मांग
आम आदमी पार्टी (आप) का स्कूलों का हाल दिखाने वाला वीडियो अभियान कुछ जिलों में एफआईआर के बाद भी जारी है। आप सांसद संजय सिंह ने सरकारी विद्यालयों की बदहाल स्थिति पर राज्यसभा की याचिका समिति में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें शिक्षा योजनाओं में कम राशि प्रयोग और बुनियादी सुविधाओं की कमी का उल्लेख है। संजय सिंह ने पूरे देश में सरकारी विद्यालयों के बुनियादी ढांचे का आकलन कराने की मांग की है। उन्होंने कमियों की पहचान कर समय पर समाधान की भी मांग की है। समग्र शिक्षा और पीएम-पोषण की राज्यवार विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें आवंटन, धनराशि जारी करने और प्रयोग का विवरण शामिल हो।
