टोडी फतेहपुर। क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। पंडवाहा-बिजना मार्ग पर वैद्य के मंदिर के पास नाला उफान पर आने से वाहनों की आवाजाही थम गई। इसके चलते रोडवेज और प्राइवेट बसों का संचालन भी प्रभावित रहा।
पथराई नदी का जलस्तर बढ़ने से मोहल्ला फतेहपुर स्थित रपटा पानी में डूब गया। मोहल्ला बड़ागंज का रपटा और नाला भी भारी उफान पर रहने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुरक्षा की दृष्टि से थानाध्यक्ष पवन जायसवाल ने नदी और नालों के पास पुलिस बल तैनात कर दिया है और वह खुद भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, पुलिस की गैरमौजूदगी में कुछ वाहन चालक जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार करते दिखे। बाद में जलस्तर कम होने पर आवागमन सुचारू हो सका।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आरपी वर्मा ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय पथराई बांध का जलस्तर बढ़ने के कारण बुधवार शाम सात बजे बांध के दो गेट 30 सेंटीमीटर तक खोलकर 1,600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदी किनारे रहने वाले लोगों को नगर पंचायत के प्रचार वाहन के जरिए इसकी सूचना दी गई है। थानाध्यक्ष ने लोगों से नदी के पास न जाने की अपील की है।
गोंती शहपुरा मार्ग की पुलिया क्षतिग्रस्त,आवागमन बंद
एरच। गांव गोंती के पास स्थित शहपुरा सरकार हनुमान मंदिर की पुलिया भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने जल्द पुलिया की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग ने दो साल पहले बेतवा नदी के किनारे स्थित इस भव्य मंदिर तक सड़क और पुलिया का निर्माण कराया था। इस मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जबकि मंगलवार और शनिवार को यहां भव्य मेला लगता है।
मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण सड़क कई जगहों से कट गई है। मंदिर जाने वाली सड़क के बीच बनी पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से वाहनों के साथ-साथ पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर तक पहुंचने के लिए कोई दूसरा वैकल्पिक रास्ता नहीं है। आगामी बड़े मंगल पर यहां विशाल मेला लगता है और भारी भीड़ जुटती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पुलिया की मरम्मत कराई जाए ताकि वाहनों का आवागमन फिर से सुचारू हो सके।
