-बीमारी से बचाव के लिए उठाए कदम, जांच किट आने तक लखनऊ भेजे जाएंगे सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शासन की गाइड लाइन पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क हो गया है। प्राचार्य ने बृहस्पतिवार को स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए रणनीति बनाई। मेडिसिन वार्ड में स्वाइन फ्लू के रोगियों के लिए 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने स्वाइन फ्लू की जांच के लिए 48 किट का ऑर्डर दिया है, जो शनिवार तक आए जाएंगी।
प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने बताया जांच किट के आने तक रोगियों के नमूने लखनऊ भेजे जाएंगे। प्रदेश के महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं पवन कुमार अरुण ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं। जारी गाइड लाइन में बताया गया कि स्वाइन फ्लू तेजी से फैलने वाला संक्रमण है। यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति की खांसी-छींक की बूंदों से फैलता है।
संक्रमित वस्तुओं को छूने या हाथ मिलाने से भी यह संक्रमण फैल सकता है। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिर दर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा शामिल हैं। सीएमओ ने सीएचसी और पीएचसी को संदिग्धों के नमूने मेडिकल कॉलेज भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
-संक्रमण का स्वरूप और लक्षण
स्वाइन फ्लू एक तेजी से फैलने वाला श्वसन संक्रमण है। यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित सतहों को छूने और फिर अपने चेहरे को छूने से भी संक्रमण हो सकता है। हाथ मिलाने जैसे सीधे संपर्क से भी यह फैल सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, नाक बहना और लगातार खांसी शामिल हैं। गले में खराश, सिर दर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा भी इसके प्रमुख संकेत हैं।
-उच्च जोखिम समूह का टीकाकरण
स्वाइन फ्लू के संक्रमण और इसके गंभीर परिणामों से बचाव के लिए सीजनल इन्फ्लुएंजा का टीका प्रभावी है। स्वास्थ्य विभाग ने उच्च जोखिम वाले समूहों के टीकाकरण पर जोर दिया है। इसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्स जैसे स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। प्रयोगशाला कर्मी और एंबुलेंस चालक भी इस टीकाकरण अभियान का हिस्सा होंगे। यह कदम संक्रमण के प्रसार को रोकने और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
-बचाव के लिए जनसामान्य को सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की अपील की है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ठीक से ढकना चाहिए। बातचीत करते समय दूसरों से उचित दूरी बनाए रखना आवश्यक है। लोगों को बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोते रहने की सलाह दी गई है। मॉल और भीड़-भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचने को भी कहा गया है। यह उपाय संक्रमण के जोखिम को कम करने में सहायक होंगे।
