लखनऊ। भाइयों की कलाई पर शुक्रवार को रिश्तों की डोर सजेगी। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को बाजारों में इसका उल्लास साफ नजर आया। बहनों ने भाइयों के लिए राखी खरीदी तो भाइयों ने बहनों के लिए उपहार पसंद किए। महंगाई के बीच भी त्योहार की खरीदारी पर इसका खास असर नहीं दिखा। राखी, मिठाई, कपड़े और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर देर शाम तक खरीदारों की भीड़ रही।
हर आयु वर्ग के लिए अलग-अलग डिजाइन की राखियों ने लोगों को आकर्षित किया। बच्चों के लिए डोरेमोन, पोकेमोन, छोटा भीम और इविल आई जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां पसंद की गईं। वहीं मारवाड़ी और ब्रेसलेट राखियों की भी मांग रही। सोने-चांदी की राखियों की मांग भी खूब रही।
बहनें कई दिनों से रक्षाबंधन की तैयारी में जुटी थीं। पर्व पर घर न आ पाने वाले भाइयों के लिए करीब एक सप्ताह पहले से ही राखी खरीदकर डाक से भेजी जा रही थी। बृहस्पतिवार को बाजारों में पर्व का रंग और चटख हो गया। निशातगंज, अमीनाबाद, नरही, विकासनगर, आशियाना और चौक समेत शहर के प्रमुख बाजार सुबह से ही सज गए थे। खरीदारों और दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए।
पांच से 500 रुपये तक की राखी, चांदी-सोने की भी मांग निशातगंज में राखी की दुकान लगाए सुजीत ने बताया कि बाजार में पांच रुपये की धागे वाली राखी से लेकर 500 रुपये तक की राखी उपलब्ध है। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियों की मांग अधिक रही। मारवाड़ी और ब्रेसलेट राखियां भी खूब पसंद की गईं। रक्षाबंधन के लिए पूजा की थाली की भी खरीदारी हुई। चांदी की धागे वाली, रत्न जड़ी राखी, ब्रेसलेट और कड़े की मांग ज्यादा रही। लोगों ने सोने की राखी भी खरीदी। खरीदारों को लुभाने के लिए कुछ सराफा व्यापारियों ने दो हजार रुपये या अधिक की खरीद पर चांदी का नोट उपहार में दिया।
पर्व के उल्लास में महंगाई पीछे, खूब बिकी मिठाई रक्षाबंधन के उल्लास में महंगाई पीछे छूटती नजर आई। बहनों ने भाइयों का मुंह मीठा कराने के लिए मिठाई की कीमत की परवाह नहीं की। गुलाब जामुन, छेना, दूध वाली लौंज और काजू कतली की खरीद अधिक हुई। मिठाई कारोबारी एवं लखनऊ व्यापार मंडल के चेयरमैन अनिल वरमानी ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे तक मिठाई की खरीदारी रहेगी। इस बार मिक्स (दूध-मावा, घी आदि) मिठाई की मांग अधिक रही है। उधर, कपड़ा बाजार भी गुलजार रहा। बहनों के लिए उपहार में साड़ी और सूट की खरीद की गई। इस तरह रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर शहर के बाजारों में रिश्तों की मिठास और खरीदारी का उत्साह साथ-साथ नजर आया।
