मुहम्मदाबाद। महोबा से दिल्ली जा रही रोडवेज बस का स्टीयरिंग बृहस्पतिवार रात जालौन-हमीरपुर सीमा पर बने बेतवा पुल पर फेल हो गया। चालक की सूझबूझ से बस बेतवा नदी में गिरने से बच गई, लेकिन पुल के किनारे लगी लोहे की ग्रिल से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ग्रिल टूटकर नदी में जा गिरी। बस में 60 यात्री सवार थे।
महोबा से दिल्ली जाने वाली रोडवेज बस दिल्ली से वापस महोबा लौट रही थी। डकोर क्षेत्र के मुहाना गांव को पार करने के बाद बस बेतवा पुल पर पहुंची। पुल का अधिकांश हिस्सा पार हो चुका था और चिकासी की ओर जाने के लिए कुछ ही दूरी बची थी। इसी दौरान बस के स्टीयरिंग में अचानक झटका लगा और वह फेल हो गया।
बस की रफ्तार अधिक होने के कारण चालक के लिए ब्रेक लगाकर तत्काल बस रोकना संभव नहीं था। ऐसे में चालक हेमंत और दूसरे चालक चतुर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बस नदी में गिरने के बजाय पुल की ग्रिल से टकराकर रुक गई। टक्कर के बाद ग्रिल टूटकर नदी में जा गिरी।
बस के पुल से टकराने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। हादसे में दो यात्रियों के मामूली रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है।
परिचालक संदीप तिवारी ने बताया कि अचानक स्टीयरिंग फेल होने से कुछ समझ में ही नहीं आया। कई यात्री सो रहे थे, लेकिन बस के पुल से टकराते ही सभी जाग गए और घबराकर चीखने लगे। चालकों की सूझबूझ से बस नदी में गिरने से बच गई और बड़ा हादसा बच गया।
