लखनऊ। कैसरबाग में कचहरी रोड पर अवैध कब्जे, वकीलों के चैंबरों पर नगर निगम रविवार को बुलडोजर चलाएगा। इसके लिए पुलिस की मदद ली जाएगी। इससे पहले सौ लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें वकील भी शामिल थे। इन्हें 30 अगस्त से पहले खुद कब्जे हटाने के लिए कहा गया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान आम जनता को परेशानी न हो, इसलिए कार्रवाई के लिए रविवार का दिन चुना गया है।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि एडवोकेट अनुराधा सिंह और देवांशी श्रीवास्तव की ओर से मार्च में दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान व न्यायमूर्ति राजीव भारती की पीठ ने अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए थे। 17 मई को टीम ने पुलिस बल के साथ कार्रवाई की थी। भारी विरोध के बीच 72 अस्थायी कब्जे हटाए गए थे। पुलिस को लाठियां चलानी पड़ी थीं।
इसके बाद चार अगस्त को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 72 चैंबरों व दुकानों के कब्जेदारों से खुद कब्जा हटाने के लिए कहा। इनके साथ निबंधन कार्यालय के सामने नाले पर हुए कब्जे हटाने के लिए भी नोटिस दिए गए। अवैध चैंबरों पर नोटिस भी चस्पा किए गए थे। सूत्र बताते हैं कि कई लोगों ने कब्जे खुद हटा लिए हैं। हालांकि, नगर निगम प्रशासन के पास इसकी संख्या नहीं है।
रूट होगा बंद, वैकल्पिक रास्तों से होगा आवागमन
कार्रवाई के दौरान कचहरी रोड के रूट को अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा। आवागमन के लिए लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा। नगर निगम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह विभिन्न आयोजनों के कारण शहर में हैं। उनके कार्यक्रमों के दौरान ऊहापोह की स्थिति न पैदा हो, इसके लिए निगम प्रशासन अतिरिक्त पुलिसबल के साथ कार्रवाई करेगा।
ध्वस्तीकरण से पहले अधिवक्ता लामबंद
कैसरबाग स्थित न्यायालय परिसर के बाहर अवैध चैंबर ध्वस्त किए जाने के खिलाफ अधिवक्ता लामबंद हो गए हैं। उन्होंने प्रशासनिक कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए उच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि हाईकोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया था कि 72 में से बाकी 58 चैंबरों का ही ध्वस्त किया जाएगा। इसके अलावा आदेश से एक सप्ताह के अंदर फिर से नया नोटिस जारी किया जाना था और जवाब मिलने के बाद निर्णय से अवगत भी कराना था। इसके साथ ही 10 दिन का समय देते हुए ध्वस्तीकरण के संदर्भ में दो प्रमुख अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित करवाए जाने का आदेश भी दिया गया था। आरोप है कि प्रशासन ने कोई नया नोटिस जारी नहीं किया। इसके अलावा आदेश के करीब 15 दिन बाद 58 के स्थान पर करीब 250 चैंबरों पर नोटिस के बजाय एक फॉर्मेट 19 अगस्त को चस्पा कर दिया।
कार्रवाई के दौरान हुआ था हंगामा-पथराव, लाठीचार्ज
जिला कोर्ट परिसर के आसपास बने अधिवक्ताओं के अवैध चैंबरों को नगर निगम टीम ने 17 मई को जेसीबी से ध्वस्त किया था। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ था। कार्रवाई होते देख वकीलों ने पथराव शुरू कर दिया था। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें चार लोग घायल हुए थे। कार्रवाई के विरोध में एक वकील ने चैंबर में लगे पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगाने की कोशिश की थी। विरोध-हंगामे के बीच एक सिपाही और तीन वकील घायल हुए थे।
