पिछले कुछ वर्षों में 9 आईएएस अधिकारी सेवा से स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले चुके हैं तो 4 ने इस्तीफा दे दिया। सेवा से बाहर जाने वाले कुछ अधिकारी कॉर्पोरेट सेक्टर में चले गए तो कुछ राजनीति में भाग्य आजमा रहे हैं। कई पूरी तरह से अपनी निजी जिंदगी में लौट गए। इससे यह सवाल भी पैदा हो रहा है कि इतनी महत्वपूर्ण सेवा से अधिकारियों का क्यों मोहभंग हो रहा है।
जिन 9 आईएएस अधिकारियों ने वीआरएस लिया है उनमें आरपी सिंह, राजीव अग्रवाल, मो. मुस्तफा, आमोद कुमार, रेणुका कुमार, जूथिका पाटणकर, विकास गोठलवाल, रिग्जियान सैंफिल व अनामिका सिंह शामिल हैं। इस्तीफा देने वालों में विद्या भूषण, अभिषेक सिंह, एस मुथु शालिनी और अब दिव्या मित्तल का नाम भी जुड़ गया है। इसके अलावा आईएएस रिंकू सिंह राही ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया और रजनीश चंद्रा के वीआरएस मांगे जाने के बाद भी उनका आवेदन स्वीकार नहीं हुआ है।
काम में राजनीतिक दखल भी कारण
दिव्या मित्तल जिन भी जिलों में डीएम रहीं, काफी सक्रिय रहीं। उनके समकक्ष एक आईएएस अधिकारी बताते हैं कि राजस्व विभाग में विशेष सचिव रहते सेवा के क्षेत्र में वैसी सक्रियता नहीं रहती। जिस तरह से फील्ड में रहकर आमजन की सेवा कर सकते हैं, वैसी गुंजाइश यहां कम ही रहती है। शायद इसी टीस ने उन्हें सेवा से बाहर जाने का फैसला लेने के लिए मजबूर किया। वह कहते हैं कि जो अधिकारी कुछ कर गुजरने के जज्बे के साथ इस सेवा में आते हैं, वे एक सीमा से ज्यादा राजनीतिक दखल को सहन नहीं कर पाते और सेवा छोड़ना ही उपयुक्त मानते हैं।
