आटा। लगातार हुई बारिश और खेतों में जलभराव ने आटा क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अकबरपुर इटौरा, गढ़ा, कुसमरा, संदी, बारा, अकोढ़ी और भभुआ समेत कई गांवों में 500 बीघा से अधिक तिलहन की फसल पानी में डूबकर बर्बाद होने का दावा किसानों ने किया है। कई खेतों में घुटनों तक पानी भरा होने से छोटी फसल पूरी तरह गल गई है, जबकि पकने के कगार पर पहुंची फसल भी मुरझाने लगी है।
बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ है, जिन्होंने तिलहन की फसल में बीज, खाद, जुताई और सिंचाई पर हजारों रुपये खर्च किए थे। फसल बर्बाद होने के बाद अब किसानों के सामने लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। आटा के किसान अखिल तिवारी की 40 बीघा, संदी के संतोष द्विवेदी की 30 बीघा, अकबरपुर इटौरा के शिवम अवस्थी की 30 बीघा, प्रयाग सिंह की 15 बीघा, नवीन पांडेय की 15 बीघा, विनीता देवी की 20 बीघा, हीरालाल की 40 बीघा और प्रवीण कुमार की चार बीघा फसल प्रभावित हुई है। वहीं बारा के शंकर सिंह की 14 बीघा व राजेंद्र सिंह की 12 बीघा, कुसमरा के युवराज सिंह की 25 बीघा व विजय सिंह की 15 बीघा तथा गढ़ा के राघवेंद्र सिंह की करीब 40 बीघा तिलहन की फसल को नुकसान पहुंचा है।
किसानों का कहना है कि कई दिनों से खेतों में पानी भरा होने के कारण अब फसल के दोबारा खड़े होने की उम्मीद भी कम है। उपज प्रभावित होने के साथ ही आगामी फसल की तैयारी पर भी इसका असर पड़ेगा। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से राजस्व विभाग की टीम भेजकर गांव-गांव स्थलीय सर्वे कराने, फसल नुकसान का आकलन कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है।
यह बोले किसान
फोटो-16-शिवम अवस्थी।
लागत निकलना भी मुश्किल
अकबरपुर इटौरा के किसान शिवम अवस्थी ने बताया कि उन्होंने 30 बीघा में तिलहन की फसल बोई थी। लगातार बारिश से खेत में पानी भर गया और पूरी फसल बर्बाद हो गई। अब फसल से लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है।
फोटो-17-विजय सिंह।
निकासी नहीं होने से डूबी फसल
कुसमरा के किसान विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने 15 बीघा में तिलहन बोया था। बारिश के बाद खेत में घुटनों तक पानी भर गया। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से फसल बर्बाद हो गई। प्रशासन को जल्द सर्वे कराकर मुआवजा दिलाना चाहिए।
बारिश से खरीफ की फसलों को क्षति पहुंची है, टीमें सर्वे कर रही हैं। जल्द ही शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल सके।
– विनय कुमार मौर्य, एसडीएम कालपी

फोटो-15-आटा क्षेत्र में बर्बाद हुई तिलहन की फसल को दिखाता किसान। संवाद

फोटो-15-आटा क्षेत्र में बर्बाद हुई तिलहन की फसल को दिखाता किसान। संवाद
