बख्शी का तालाब। महिंगवा में गणेशपुर गांव निवासी 25 वर्षीय सतीश यादव की रविवार देर रात चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने सतीश को चाकू मारने के बाद छत से नीचे फेंक दिया था। खुद को बचाने के लिए सतीश 600 मीटर तक भागे थे लेकिन बदमाशों ने उनका पीछा कर दोबारा चाकू से गोद डाला। शोरगुल सुनकर ग्रामीण सतीश को अस्पताल लेकर गए, जहां उनकी मौत हो गई।
पिता शिव बालक यादव ने बताया कि सतीश सौतलपुरवा रोड स्थित गोरखपुर निवासी अजरा फिरदौस के निर्माणाधीन मकान में चौकीदारी करते थे। रविवार रात वह छत पर सोए थे, तभी बदमाशों ने हमला किया और उन्हें छत से फेंका। उनकी टॉर्च टूट गई, जो धान के खेत से पुलिस को मिली है। छत पर भी खून फैला था, जिससे सतीश के संघर्ष का पता चला। वह भागते हुए 600 मीटर दूर गांव के पास मंदिर तक पहुंचे, जहां गिर गए। ग्रामीणों ने परिवार को सूचना दी, फिर पुलिस को बताया गया। सतीश के सिर, गर्दन, पेट, हाथ व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें थीं।
नशेबाजी में विवाद की आशंका
डीसीपी उत्तरी अमित आनंद घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वारदात के पीछे रंजिश, लेनदेन और अन्य बिंदुओं पर छानबीन जारी है। घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि नशेबाजी में वारदात को अंजाम दिया गया। बताया गया कि सतीश किसी परिचित के साथ छत पर शराब पी रहे थे, तभी विवाद हुआ और परिचित ने हमला कर दिया।
मोबाइल फोन गायब, सीडीआर खंगाल रही पुलिस
सतीश का मोबाइल फोन नहीं मिला है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के जरिये आखिरी बातचीत का पता लगा रही है। घटना के पीछे किसी करीबी की भूमिका बताई जा रही है। महिंगवा इलाके में एक सप्ताह के दौरान यह दूसरी हत्या है। सोमवार को घटनास्थल से लेकर सतीश के घर के आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जमा रही। पिता शिव बालक ने बताया कि एक साल पहले शराब पीने के दौरान सतीश का गांव के कुछ लोगों से हुए विवाद हुआ था। इस मामले में सतीश पर केस भी दर्ज हुआ था। डीसीपी ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।

सतीश यादव की फाइल फोटो।

सतीश यादव की फाइल फोटो।

सतीश यादव की फाइल फोटो।
