लखनऊ। चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर राजधानी का रंग कुछ ऐसा होगा, मानो मथुरा-वृंदावन लखनऊ में ही उतर आया हो। पुराने लखनऊ की हवेलियों और ठाकुरद्वारों से लेकर चौक, गणेशगंज, डालीगंज और सुशांत गोल्फ सिटी स्थित इस्कान मंदिर तक कान्हा के स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं। कहीं फूलों से भगवान का शृंगार होगा तो कहीं डिजिटल तकनीक से कृष्ण की लीलाएं जीवंत होंगी। कहीं 56 भोग सजेगा तो कहीं महारास और बाल लीलाओं का मंचन ब्रज की याद दिलाएगा। आधी रात कान्हा के जन्म के साथ घंटे-घड़ियाल गूंजेंगे और राधा-
कृष्ण की झांकियों से राजधानी कृष्णमय
हो उठेगी।
डिजिटल झांकियों में दिखेंगी कृष्ण की लीलाएं गणेशगंज में इस बार भी डिजिटल झांकी जन्माष्टमी का बड़ा आकर्षण होगी। भगवान कृष्ण की लीलाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। परंपरागत राधा-कृष्ण झांकी के साथ 20 फीट का शिवलिंग और अमरनाथ गुफा की झांकी भी आकर्षण का केंद्र होगी। बर्फीली गुफा का दृश्य श्रद्धालुओं को अमरनाथ के दर्शन जैसा अनुभव कराएगा।
प्रतिदिन शाम छह से रात 12 बजे तक झांकी चलेगी। इसका स्वरूप हर दिन बदलेगा। पहले दिन गोकुल गमन, दूसरे दिन माखन चोरी, तीसरे दिन गोचारण लीला, चौथे दिन अघासुर वध, पांचवें दिन कालिया मर्दन और छठे दिन बरसाना की होली के दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
56 भोग और ब्रज की प्रस्तुतियों से सजेगा चौक
चौक स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान को 56 थालों में 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। मथुरा के कलाकार भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। मंदिर में फूलों की सजावट के साथ विशेष शृंगार की तैयारी की जा रही है। पुराने लखनऊ के ठाकुरद्वारों और हवेलियों में भी जन्माष्टमी की अलग छटा दिखाई देगी। चूड़ी वाली गली, चौक स्थित प्राचीन मदनमोहन हवेली सहित कई ठाकुरद्वारों में भगवान की विशेष सेवा, शृंगार और भोग की तैयारी है।
इस्कॉन में दिनभर गूंजेगा भजन-कीर्तन : सुशांत गोल्फ सिटी स्थित इस्कान मंदिर में जन्माष्टमी पर महामहोत्सव मनाया जाएगा। दिनभर भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन होंगे। मंदिर के मीडिया प्रभारी प्रदीप शुक्ला के अनुसार, इस्कान मंदिर की स्थापना के बाद से यहां भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की परंपरा लगातार जारी है। भगवान का दूध, दही, घी, शहद और तीर्थ जल से अभिषेक किया जाएगा। इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकार कृष्ण लीलाओं और झांकियों की प्रस्तुति देंगे। भगवान के जन्म से लेकर छठे दिन तक उत्सव का क्रम चलेगा।
डालीगंज में 65वां जन्माष्टमी उत्सव मंच पर उतरेंगी कृष्ण लीलाएं
डालीगंज में इस बार 65वां जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण के अवतार से लेकर धर्म की स्थापना तक की लीलाओं को मंचन के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। भव्य झांकियों के साथ भजन-कीर्तन होगा। मंदिर में श्रीकृष्ण और राधा-माधव का विशेष शृंगार किया जाएगा। कलाकार महारास और कान्हा की बाल लीलाओं का मंचन करेंगे। फूलों से सजे मंदिर में दक्षिणावर्त शंख से पंचाभिषेक और 56 भोग का आयोजन भी होगा। दही-हांडी फोड़ने की परंपरा भी निभाई जाएगी।
माधव मंदिर में ब्रज की झलक, दही हांडी और कृष्ण सेल्फी पॉइंट
डालीगंज स्थित श्री माधव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज की तर्ज पर भव्य आयोजन होगा। श्रीराधामाधव का फूलों से श्रृंगार किया जाएगा और ब्रज के कलाकार महारास व कृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन करेंगे। दक्षिणावर्त लक्ष्मी शंख से भगवान श्रीकृष्ण का पंचाभिषेक होगा और 56 प्रकार के भोग की झांकी सजाई जाएगी। दही हांडी, भजन संध्या और कृष्ण सेल्फी पॉइंट भी आकर्षण होंगे।
फूल बंगले में विराजेंगे लड्डू गोपाल
श्री श्याम परिवार की ओर से बीरबल साहनी मार्ग स्थित खाटू श्याम मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर को देशी-विदेशी फूलों से फूल बंगला का रूप दिया जाएगा, जबकि रंग-बिरंगी झालरों और गुब्बारों से विशेष सजावट होगी। अनुराग साहू ने बताया कि मध्यरात्रि में लड्डू गोपाल के जन्म के अवसर पर 101 किलो मेवा मिल्क केक काटा जाएगा। मेघों की गर्जना और वर्षा जैसा विशेष दृश्य भी प्रस्तुत किया जाएगा।

जन्माष्टमी से पहले होती तैयारियां

जन्माष्टमी से पहले होती तैयारियां

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