झांसी। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र से मानसून फिर सक्रिय हो गया है। बुधवार शाम झांसी में करीब एक घंटे झमाझम बारिश हुई। दिनभर बादलों की आवाजाही के बाद शाम करीब पांच बजे बारिश तेज हुई तो तापमान में गिरावट आई और शहर का मौसम बदल गया। मौसम विभाग ने पांच सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी है वहीं, लगातार बारिश की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
बुधवार शाम को हुई जोरदार बारिश से एक बार फिर कई इलाकों में पानी भर गया। फिल्टर रोड, पंचवटी कॉलोनी, गल्ला मंडी रोड, आवास विकास कॉलोनी समेत कई इलाकों में पानी भर गया। कई जगह सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को निकलने में परेशानी हुई। बारिश से नालियां और छोटे नाले भी उफन गए। निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से पानी सड़कों पर फैलता चला गया। कई स्थानों पर बारिश थमने के बाद भी काफी देर तक पानी जमा रहा। इससे दुकानदारों और स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
पिछले दिनों हुई बारिश में भी मुख्य मार्गों के साथ कई गलियों में जलभराव हुआ था। मौसम विभाग ने पांच सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है।
फसलों को भी नुकसान की आशंका
अगस्त की बारिश से मूंग, तिल और कई इलाकों में जलभराव से मूंगफली को नुकसान हो चुका। अब अगर बारिश हुई तब उड़द समेत बची खरीफ फसल समेत फूलगोभी, पत्तागोभी व बैंगन जैसी सब्जियों को नुकसान का खतरा है। उप कृषि निदेशक बुद्धदेव द्विवेदी ने किसानों को खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करने और फसलों की निगरानी की सलाह दी है।
दो सितंबर तक 496 मिमी बारिश
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक जून से दो सितंबर तक झांसी में 496 मिमी, जालौन में 503 मिमी और ललितपुर में 570 मिमी बारिश दर्ज की गई है। झांसी में इस अवधि की औसत बारिश के सापेक्ष 60.71 प्रतिशत, जालौन में 58.35 और ललितपुर में 62.36 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है वहीं, बुधवार सुबह बेतवा नदी के नोटघाट गेज पर जलस्तर 192.500 मीटर दर्ज हुआ जबकि खतरे का स्तर 205 मीटर है। नदी अभी खतरे के निशान से 12.50 मीटर नीचे है। नदी के बहाव में तेजी दर्ज हुई है। देर शाम तक पारीछा एवं माताटीला बांध से 8 हजार क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा जा रहा था। नोडल अभियंता बृजेश पोरवाल का कहना है कि नदी के जल स्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है। उसके बहाव के मुताबिक बांध से पानी निकासी हो रही है।
