यशोदा की डांट से गंगा अवतरण तक आकर्षक झलकियां
झांकी संयोजक अनुपम मित्तल ने बताया कि लाइट एंड साउंड इफेक्ट और स्वचालित मूर्तियों के माध्यम से पौराणिक प्रसंगों को जीवंत बनाया गया है। सावन में झूला झूलते राधा-कृष्ण, बाबा अमरनाथ के दर्शन, हनुमान जी के हृदय में राम-सीता के दर्शन, मदारी के खेल, तुलसीदास और माखन चोरी के बाद कन्हैया को दौड़ाती मां यशोदा की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। करीब 20 फीट ऊंचे शिवलिंग से गंगा अवतरण का दृश्य विशेष सेल्फी कार्नर के रूप में लोगों को खूब लुभा रहा है। फूलों, झालरों, झूमरों और रंग-बिरंगी एलईडी रोशनी से सजा परिसर उत्सव की भव्यता को और बढ़ा रहा है।
फूल बंगले में सजे श्याम, 56 भोग का लगा प्रसाद
उधर, बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री श्याम मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर को देशी-विदेशी फूलों से भव्य फूल बंगला का स्वरूप दिया गया, जबकि रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक झालरों और गुब्बारों से सजावट की गई। भगवान को 56 भोग अर्पित किया गया और जन्मोत्सव की खुशी में 101 किलो मेवा मिल्क केक काटा गया।
मेघों की गर्जना के बीच कान्हा जन्म की अनुभूति
मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर मेघों की गर्जना और वर्षा जैसा मनमोहक वातावरण तैयार किया गया। राधा-कृष्ण की मनमोहक छवि को नृत्य के माध्यम से भी प्रस्तुत किया गया। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भी श्री श्याम मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण के साथ उत्सव का उल्लास और बढ़ गया।
थाने में भी सजी कान्हा की झांकी
जन्माष्टमी की रौनक राजधानी के दूसरे इलाकों में भी देखने को मिली। नाका हिंडोला थाने में विशेष सजावट के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। यहां हवालात को खोलकर श्रीकृष्ण की झांकी सजाई गई, जो आम लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही।




