ललितपुर। शासन की ओर से मरीजों और दुर्घटना में घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। 108 एंबुलेंस को कॉल मिलने के 15 मिनट और 102 एंबुलेंस को 30 मिनट में मरीज के पास पहुंचने का लक्ष्य है। इसके बावजूद कई मामलों में एंबुलेंस तय समय में नहीं पहुंच रही हैं। आधे घंटे तक इंतजार के बाद भी एंबुलेंस न मिलने पर मरीज और उनके परिजन निजी या किराये के वाहनों से अस्पताल पहुंचने को मजबूर हो रहे हैं।
जनपद में दुर्घटना में घायल और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस संचालित हैं। वहीं, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी 102 एंबुलेंस पर है। विभागीय व्यवस्था के अनुसार 108 को कॉल मिलने के 15 मिनट और 102 को 30 मिनट में मरीज के पास पहुंचना होता है। किन, कई मामलों में एंबुलेंस के समय पर पहुंचने के दावे और जमीनी हकीकत में अंतर नजर आ रहा है। मरीज या स्थानीय लोगों की ओर से सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस तय समय में नहीं पहुंचती। कई बार इसके लिए दोगुने समय तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ जाती है और उन्हें दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
यह है एंबुलेंस की स्थिति
एंबुलेंस का प्रकार
संख्या
108
22
102
16
एएलएस
5
केस-एक :
30 मिनट इंतजार के बाद लोडिंग टैक्सी से पहुंचाया
11 सितंबर को ब्लॉक बार के ग्राम दशरारा निवासी भुवन की पत्नी पटौरा से लौटकर घर जा रही थीं। इसी दौरान बार में पेट्रोल पंप के पास एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। महिला घायल हो गई। उनके चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने पहुंचकर बचाव किया। इसके बाद 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। परिजनों के अनुसार घटनास्थल ब्लॉक मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर होने के बावजूद करीब 30 मिनट तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद परेशान होकर परिजन महिला को लोडिंग टैक्सी से सीएचसी ले गए।
केस-दो : हादसे के बाद नहीं पहुंची एंबुलेंस, महिला की मौत
14 सितंबर को मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के कुरवाई निवासी विनीता अपने पति के साथ बाइक से ललितपुर से घर जा रही थीं। ग्राम बम्होरीवंशा के पास अचानक गाय सामने आने से बाइक अनियंत्रित हो गई और विनीता गिरकर घायल हो गईं। ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। परिजनों के अनुसार सूचना देने के 30 मिनट से अधिक समय तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद उन्हें दूसरे वाहन से मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
एंबुलेंस के समय पर न पहुंचने की जानकारी प्राप्त हुई है। इसकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
– डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ, ललितपुर
