प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है।। बुधवार को भी 13 उत्पादन इकाइयां बंद रहीं। इससे 5940 मेगावाट कम उत्पादन हुआ है। ऊर्जा विभाग जल्द व्यवस्था पटरी पर आने की दुहाई दे रहा है। लेकिन में भविष्य में बिजली संकट बढ़ सकता है।
प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। 14 सितंबर को यह अधिकतम मांग 27407 मेगावाट रही। यूपीएसएलडीसी का दावा है कि वह रोस्टर से अधिक बिजली आपूर्ति कर रहा है। ग्रामीण इलाके में बुधवार को आपूर्त घटकर 18 के बजाय 15 घंटे की आपूर्ति की गई है। लोकल फॉल्ट अलग से बना रहा। उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को 10 उत्पादन इकाइयां बंद थी, जिनसे 5340 मेगावाट उत्पादन प्रभावित हो रहा था, लेकिन मंगलवार 13 इकाइयां बंद हो गई। इन्हें बुधवार को भी नहीं चलाया जा सका। इसका सीधा असर बुधवार की बिजली आपूर्ति पर पड़ा।
त्योहार पर बिजली संकट से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश
पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने विभागीय अधिकारियों के साथ बुधवार को भी समीक्षा की। बताया गया कि कोयला खदान क्षेत्रों में अतिवृष्टि और जलभराव से उत्पादन प्रभावित हुआ है। इस पर गोयल ने कहा कि सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। विभाग का दावा है कि जल्द ही कुछ इकाइयां शुरू हो जाएंगी। इससे राहत मिलेगी। बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद इकाइयां उपलब्ध हो जाने से लगभग 1,250 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि हो जाएगी।
