उरई। चार साल पहले अनुसूचित जाति की 16 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर मंदिर ले जाने, प्रसाद में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करने और दिल्ली ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने अबरार को दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 53 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी किशोरी के पिता ने सात दिसंबर 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी 16 जनवरी 2022 को घर से बिना बताए चली गई थी। आरोप था कि मोहल्ला भगत सिंह नगर निवासी अबरार उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। परिजनों के अनुसार आरोपी की धमकी के कारण उन्होंने पहले शिकायत नहीं की थी।

सात दिसंबर को किशोरी ने फोन कर पिता को बताया कि उसकी जान को खतरा है और आरोपी उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। इसके बाद पिता ने कोतवाली में शिकायत की। पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर सर्विलांस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर किशोरी को खोज लिया।

न्यायालय में दर्ज बयान में किशोरी ने बताया कि 26 जनवरी 2022 को अबरार उसे मंदिर ले गया था। वहां लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाने के बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी उसे दिल्ली ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद आरोपी द्वारा मारपीट करने पर उसने परिवार को घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने विवेचना के दौरान दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाईं और नौ फरवरी 2023 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने आरोपी अबरार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 53 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।



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