मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर अब जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीएम) और मंडलायुक्तों (कमिश्नर) की भी जिम्मेदारी तय होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक में यह निर्देश दिए। पीलीभीत जैसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए फॉर्मों की जांच और निगरानी व्यवस्था सख्त करने को कहा गया है।
बैठक में अधिकारियों को ईआरओनेट की लॉगिन आईडी और पासवर्ड किसी से साझा नहीं करने की हिदायत दी गई। बीती 10 अप्रैल को एसआईआर की समाप्ति तिथि से अब तक कंप्यूटर सहायकों की ओर से फीड किए गए फॉर्म-6, 7 और 8 की जांच कराने के निर्देश दिए गए। गड़बड़ी मिलने पर ईआरओ, एईआरओ और कंप्यूटर सहायक के खिलाफ कार्रवाई होगी। निगरानी में शिथिलता मिलने पर डीएम और मंडलायुक्त भी जिम्मेदार माने जाएंगे।
निर्देश दिए गए कि भौतिक रूप से मिले आवेदन कंप्यूटर सहायक से फीड न कराए जाएं। सभी फॉर्म बीएलओ ही बीएलओ एप से डिजिटाइज करेंगे। ईआरओ लंबित फॉर्मों की प्रतिदिन समीक्षा कर नियमानुसार निस्तारण कराएं और प्राप्त सभी भौतिक फार्म सुरक्षित रखें। बैठक में सभी अधिकारियों को पोर्टल पर सीयूजी नंबर के बजाय निजी मोबाइल नंबर अपडेट कराने को कहा गया, ताकि बीएसएनएल नेटवर्क बाधित होने पर काम प्रभावित न हो। साथ ही पासवर्ड पॉलिसी के तहत तत्काल पासवर्ड बदलने के निर्देश दिए गए।
सीतापुर समेत चार जिलों ने समय से नहीं भेजी डुप्लीकेसी पर रिपोर्ट
बैठक में बुलंदशहर, सीतापुर, गाजियाबाद और अलीगढ़ के डीएम के सोशल मीडिया पर प्रसारित डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित शिकायतों के संबंध में रिपोर्ट समय से न भेजे जाने पर नाराजगी जताई गई और उन्हें शीघ्र रिपोर्ट भेजने को कहा गया।
10 जिलों के डीएम करें अधिक मेहनत
मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान दिवसों में 17 अक्तूबर को 137225 और 24 अक्तूबर को 421953 मतदाता सूची में जोड़ने के आवेदन (फॉर्म-6) प्राप्त हुए। दोनों कैंप दिवसों पर कुल मिलाकर 559178 नागरिकों ने मतदाता बनने के लिए आवदेन किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कैंप दिवसों को प्रभावी ढंग से आयोजित करने वाले जिलों- हाथरस, गाजीपुर, संभल, कौशाम्बी, मथुरा, अमेठी और बाराबंकी के डीएम के प्रयासों की सराहना की। साथ ही उन्होंने गाजियाबाद, बुलंदशहर, वाराणसी, भदोही, प्रयागराज, हमीरपुर, अंबेडकरनगर, अमरोहा, मेरठ और गौतमबुद्धनगर के डीएम को इस दिशा में और अधिक मेहनत करने के निर्देश दिए।
नागरिकों की कॉल रिक्वेस्ट 48 घंटे में निपटाएं
यह भी निर्देश दिए गए कि ईसीआईनेट एप और voters.eci.gov.in पोर्टल पर बुक ए कॉल विद बीएलओ के तहत लोगों से प्राप्त कोई भी कॉल रिक्वेस्ट 48 घंटे से अधिक लंबित न रहे। प्राप्त कॉल रिक्वेस्ट का जवाब समय से न देने की शिकायत मिलने पर संबंधित बीएलओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 24 अक्तूबर के अभियान में बीएलओ के उपस्थित न रहने या देर से आने के मामले में रिपोर्ट भी मांगी गई। यह भी कहा गया कि एसएसआर में प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियां न रहें।
