झांसी। सात दिन से पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे गरियागांव और आसपास की कॉलोनियों के लोगों का सब्र जवाब दे गया। क्षेत्रीय लोगों के साथ पार्षद पानी की टंकी पर पहुंचे। टंकी में पानी भरा होने के बावजूद आपूर्ति बंद मिली तो पार्षद हरिओम मिश्रा ने खुद मोटर चालू कर दी। उनका आरोप है कि जल निगम के अधिकारियों को लगातार फोन करने के बावजूद किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। जल निगम और जल संस्थान के बीच टंकी के हैंडओवर का मामला अटका होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
गरियागांव में नया गांव मार्ग पर करीब डेढ़ साल पहले पानी की टंकी बनाई गई थी। यहां पाइपलाइन सुधारने का काम भी लंबे समय से चल रहा है। पार्षद हरिओम मिश्रा ने बताया कि टंकी से एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जाती है, लेकिन पिछले सात दिनों से पानी नहीं आया। इससे गरियागांव, कृष्णा नगर कॉलोनी, खेरा, आंबेडकर कॉलोनी और सेंट जूद स्कूल के पीछे के क्षेत्र के लोग परेशान थे। शुक्रवार को स्थानीय लोग टंकी पर पहुंचे और पार्षद को भी बुला लिया।
टंकी पर मौजूद कर्मचारी से पानी की आपूर्ति बंद होने का कारण पूछा तो उसने पाइपलाइन जोड़ने का काम चलने की बात कही। पार्षद के मुताबिक, उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की तो किसी का फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद उन्होंने टंकी पर चढ़कर देखा तो उसमें पानी भरा हुआ था। लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने मोटर चालू कर दी, जिससे जलापूर्ति शुरू हो गई।
पार्षद ने आरोप लगाया कि जल निगम और जल संस्थान के बीच टंकी का हैंडओवर नहीं होने से यह स्थिति बनी हुई है। दोनों विभागों के बीच मामला अटका होने का खामियाजा क्षेत्रीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान विनोद कुमार, ओमप्रकाश शाक्य, चंद्रशेखर, भारत, मंशाराम कुशवाहा, रामस्वरूप, धर्मेंद्र समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
जल निगम के पास रहेगा टंकी का रख-रखाव
जल निगम के अधिशासी अभियंता मुकेश पाल सिंह का कहना है कि माताटीला बांध में पंप स्थापना की वजह से इन मोहल्लों में पानी नहीं आ रहा था। अब यहां जलापूर्ति नियमित हो जाएगी। इस टंकी के रखरखाव का काम अभी जल निगम के पास ही रहेगा।
