झांसी। माताटीला बांध में नए पंप स्थापित होने के बाद सोमवार से जलापूर्ति आरंभ हुई लेकिन, तब से नई पाइप लाइन से घरों में मटमैले पानी की आपूर्ति शुरू हो गई। इससे महानगर के अधिकांश इलाकों मेें लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि गंदे पानी की वजह से पेयजल संकट पैदा हो गया। पानी की स्थिति ऐसी है कि लोग इसे पीने के साथ ही नहाने और अन्य घरेलू कामों में इस्तेमाल करने से भी कतरा रहे हैं वहीं, जल निगम अधिकारियों का कहना है कि दो दिन बाद स्थिति में सुधार होगा।
महानगर पेयजल योजना के तहत माताटीला बांध 70-70 एमएलडी क्षमता के नए पंप स्थापित किए गए। यह पंप स्थापित होने के बाद सोमवार से इनको पूरी क्षमता के साथ चलाया गया। टंकी भरने के साथ ही इनसे आपूर्ति आरंभ की गई। इससे आपूर्ति आरंभ होते ही सीपरी बाजार, अयोध्यापुरी कॉलोनी, खातीबाबा, सिविल लाइंस, हंसारी, तालपुरा, ओल्ड बस स्टैंड, नरसिंह राव टौरिया, दरीगरान-2, खंडेराव गेट, सागर गेट, सिलवटगंज, खुशीपुरा (आंशिक), मसीहागंज, आयुर्वेदिक कॉलेज के आसपास का क्षेत्र, नगरा, पुलिया नंबर-9, लहरगिर्द, मेडिकल कॉलेज (आंशिक), गुमनावारा, नंदनपुरा, सिमरधा, कोछाभांवर, भगवंतपुरा, बिजौली और सिमराहा समेत तमाम मोहल्लों में मटमैला पानी आने लगा। खुशीपुरा प्रथम निवासी बृजलाल ने बताया कि पिछले दो दिनों से घरों में इसी तरह का गंदा और मटमैला पानी आ रहा है। पानी इतना खराब है कि नहाने के लिए भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। वार्ड नंबर 14 के मोहिनी बाबा क्षेत्र के लोगों ने भी यही शिकायत की। उनका कहना है कि इस वजह से पीने का पानी भी उनको नहीं मिल पा रहा है।
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माताटीला बांध में नए पंप लगाए गए हैं। इन पंपों से अधिक मात्रा में पानी खींचे जाने की वजह से पानी
का रंग हल्का मटमैला हो रहा है। फिलहाल पंपों की पूर्ण क्षमता के साथ टेस्टिंग की जा रही है। इसके लिए सीडब्ल्यूआर को खाली कराया जा रहा है। इसका निदान होने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
मुकेश पाल सिंह
अधिशासी अभियंता, जल निगम
