झांसी। स्नातक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची में नामों की गड़बड़ी के मामले में जिला प्रशासन ने बुधवार को दो प्रभावित मतदाताओं से मुलाकात की। अफसरों ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए खेद जताया और भविष्य में ऐसी चूक न होने का भरोसा दिया। प्रशासन के मुताबिक, दोनों मतदाताओं ने संतुष्टि जताई है। उन्होंने चुनाव के दौरान अपने मताधिकार का प्रयोग भी किया था।
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य के चुनाव के लिए 23 अक्तूबर को झांसी, प्रयागराज समेत 10 जिलों में मतदान हुआ था। मतदान से ठीक एक दिन पहले सोशल मीडिया पर मतदाता सूची में किसी वोटर का नाम ”राम ने शर्मा को मारा”, ”मूर्ख चंद्र यादव” तो किसी मतदाता के पिता का नाम ”टक्कर मारना” दर्ज होने के मामले वायरल हुए थे। इन गड़बड़ियों ने निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। पूरे निर्वाचन क्षेत्र में 30 से अधिक ऐसे मामले सामने आए थे।
तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर एवं मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने मतदाता सूची में सुधार कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही लिपिकीय त्रुटि के चलते किसी भी मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित न करने के लिए कहा था। मामले में शासन स्तर से रिपोर्ट भी मांगी गई थी।
वहीं, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि गलत नाम दर्ज होने से प्रभावित मतदाताओं को बुलाकर खेद जताया जाए और भविष्य में ऐसी त्रुटि न होने का भरोसा दिया जाए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी पल्लवी मिश्रा ने बताया कि झांसी के दो मतदाताओं के साथ बुधवार को बैठक की गई। उन्हें तकनीकी त्रुटि के कारण नाम गलत दर्ज होने की जानकारी दी गई। दोनों मतदाता संतुष्ट हैं।
